गरीबी के दिनों में पहने दूसरों के पुराने कपड़े, आज हैं 165 करोड़ की मालकिन, कमाल की है लीजा जॉनसन की Success Story

आज हम आपको ऐसी सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं, जिसने इस कदर गरीबी देखी कि उन्हें दूसरों के पुराने उतरे हुए कपड़े पहने पड़े थे और आज उन्होंने अपनी किस्मत को यूं बदली कि वह प्राइवेट जेट में घूमती हैं।
गरीबी के दिनों में पहने दूसरों के पुराने कपड़े, आज हैं 165 करोड़ की मालकिन, कमाल की है लीजा जॉनसन की Success Story

Lisa Johnson’s Success Story : कहते हैं अगर सफलता पाने की चाहत हो तो पूरी कायनात भी उसे एक करने में लग जाती है। अगर कोई अपनी गरीबी को दूर करने की ठान ले, तो वह कुछ भी कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि सफलता की मंजिल असफलता की सीढ़िया से होकर गुजरती है। ऐसे बहुत से उदाहरण, जहां लोग खुद को गरीबी से ऊपर उठकर उस मोड पर ले आए है, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है। ऐसी ही एक सक्सेस स्टोरी आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने इस कदर गरीबी देखी कि उन्हें दूसरों के पुराने उतरे हुए कपड़े पहने पड़े थे और आज उन्होंने अपनी किस्मत को यूं बदली कि वह प्राइवेट जेट में घूमती हैं। बता दें कि अगर सक्सेस पाने की जिद और जुनून हो, तो इंसान कुछ भी कर सकता है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको लीजा जॉनसन की दिलचस्प सक्सेस स्टोरी बताएंगे…

गरीब परिवार में हुआ जन्म

लीजा का जन्म बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था, जहां उन्हें दो वक्त की रोटी भी ढंग से नसीब नहीं होती थी। ऐसे में उन्हें मजबूरन दूसरों के पुराने उतरे हुए कपड़े पहने पढ़ते थे। इतनी ज्यादा गरीबी थी कि उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार को चलाने के लिए एक ऑफिस में असिस्टेंट का काम किया। इससे उन्होंने जो कुछ भी अर्न किया उससे अपनी पढ़ाई पूरी की और 27 साल की उम्र में उन्होंने लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद विदेश चली गई। लंदन जाने के बाद उन्होंने केनरी व्‍हार्फ में जॉब की। यहां उन्हें 62 लाख सालाना पैकेज मिलता था, लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने का भूत सवार था। जिस कारण उन्होंने इस नौकरी को छोड़ दिया। इसके कारण उनके पति ने उन्हें तलाक दे दिया। जिसके बाद लीजा ने अकेले ही अपने रास्ते तय किए। इन सब बातों से निराश न होकर वह अपने रास्ते में आगे बढ़ते गई। हालांकि, उन्हें 36 लाख का लोन लेना पड़ा था। जिसे उन्होंने 7 साल में चुकाया और अपना करोड़ का बिजनेस खड़ा कर लिया। आज वह सफलता की उस सीढ़ी पर पहुंच चुकी हैं, जहां से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है।

ऐसे मिली सफलता

दरअसल, लीजा Race to Recurring Revenue Challenge नाम से बिजनेस प्रोग्राम शुरू किया। इसके माध्यम से वह लोगों को मनी इनकम करने का तरीका बताने लगी। साल 2017 में बड़े-बड़े कई उद्यमियों को बिजनेस स्टार्टअप के बारे में बहुत कुछ सिखाया, जिनमें से कुछ करोड़ का अंपायर खड़ा कर चुके हैं। जिसका श्रेय लीजा को ही दिया जाता है। बता दें कि लीजा का यह प्रोग्राम पूरी दुनिया भर में मशहूर हो चुका है। इस 7 साल की कड़ी मेहनत में उन्हें बहुत ही बड़ी सफलता दिलाई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया है, जिसे हर देश की महिलाओं को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से गरीबी को हराकर अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प किया। उनकी सोच, परिश्रम और निष्ठा ने उन्हें वो सफलता दिलाई जो वो हासिल करना चाहती थी। उनकी लगन दूसरों को भी प्रेरित करती है।

लीजा जॉनसन की नेट वर्थ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीजा जॉनसन का नेट वर्थ करीब 165 करोड़ रुपए से अधिक है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने 1 घंटे के अंदर 10 करोड रुपए कमाने का रिकॉर्ड बनाया है, जिसे अब तक कोई तोड़ नहीं पाया। इतनी बड़ी कंपनी की मालकिन होने के बावजूद वह हर किसी को शिक्षित करने का काम करती है। साथ ही वह गरीबों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती हैं। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हार नहीं मानी और हमेशा अपने लक्ष्य की ओर प्रयास किया। वे दूसरों को भी यह सिखाती हैं कि अगर कोई अपने सपनों के पीछे सच्चाई से लग जाए तो कुछ भी संभव है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
Follow Us :GoogleNews