आ गया इनकम टैक्स का नया नियम, महंगी घड़ी, पेंटिंग्स और हैंडबैग खरीदने पर लगेगा 1% टीसीएस, अधिसूचना जारी

टीसीएस से जुड़े नए नियम लागू हो गए हैं। सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन जारी किया है। अब लग्जरी आइटम्स पर टीसीएस लगेगा।
income tax return

AI Generated Image

सरकार ने स्त्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) से जुड़े नए नियम (Income Tax New Rules) लागू किए हैं। इस संबंध नें 22 अप्रैल को केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नोटिफिकेशन जारी है। जिसमें उन वस्तुओं की जानकारी दी गई है, जिनपर टीसीएस लगाया जाएगा। बता दें कि इन नियमों की घोषणा बजट 2024 में ही की गई थी।

लग्जरी चीजों पर टीसीएस 1 जनवरी 2025 से ही लागू करने का ऐलान केंद्र सरकार ने किया है। लेकिन अब तक इससे संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नियम 22 अप्रैल से प्रभावी होगा। मतलब आज या इसके बाद बेची गई विशिष्ट वस्तुओं पर प्रतिफल प्राप्ति के समय TCS लगाया जाएगा।

कितना लगेगा टीसीएस?

करदाताओं को 10 लाख रुपये से अधिक के विलासिता वस्तुओं पर 1% टीसीएस देना होगा। मान लीजिए आप 30 लाख रुपये मूल्य की कोई लग्जरी वस्तु खरीदते हैं, तो इसे खरीदते वक्त 30,000 रुपये टीसीएस लगेगा।

इन चीजों पर लागू होगा नियम

इस लिस्ट में कलाई घड़ी, कलाकृति, प्राचीन वस्तुएं, पेंटिंग्स, मूर्तियाँ, संग्रहणीय वस्तु जैसे की सिक्के और टिकट शामिल हैं। नया नियम हेलीकॉप्टर, डोंगी, नौका, सनग्लासेस, पर्स, हैंडबैग, फुटवियर, गोल्फ किट, खेल संबंधी अन्य परिधान और उपकरण, होम थिएटर सिस्टम और रेस क्लब में घुड़दौड़ और पोलो के लिए घोड़े की खरीददारी पर भी लागू होगा।

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

बजट 2024 ज्ञापन के मुताबिक उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों की ओर से लग्जरी वस्तुओं पर व्यय में वृद्धि देखी गई। ऐसे व्ययों की उचित ट्रैकिंग के लिए कर के दायरे को व्यापक और गहरा करने के लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 206सी की उपधारा (1F) में संशोधन किया गया। इससे पहले 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मोटर वाहन, विदेशी यात्रा, विदेशी धन प्रेषण और विदेशी टूर पैकेज पर टीसीएस लगता था।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews