
ITR File Mistakes: इनकम टैक्स फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। अब आईटीआर भरने के लिए जुर्माना भरना होगा। लेकिन इस दौरान कुछ गलतियों के कारण आयकर विभाग का नोटिस आ सकता और जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। साथ ही रिफ़ंड भी अटक सकता है। इन समस्याओं से कैसे बचें इन्हीं उपायों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
जुर्माना से बचने के लिए क्या करें?
- टैक्सपेयर्स को आईटीआर भरते समय सही फॉर्म का समय करना जरूरी होता है। अपने इनकम सोर्स और कैटेगरी के आधार पर सही आईटीआर फॉर्म चुने हैं। वरना बाद में नोटिस भी मिल सकता है।
- यदि अपने आईटीआर फाइल कर दिया है तो आधार ओटीपी, बैंकिंग और अन्य तरीकों का इस्तेमाल तुरंत आईटीआर को वेरीफाइ करें। और यह सुनिश्चित करें कि आपको रसीद मिल गई हो।
- आयकर विभाग की ओर से आए किसी भी नोटिस का जवाब तुरंत दें। नोटिस को नज़रअंदाज़ करना आपको भारी पड़ सकता है।
- टैक्स कैलकुलेशन और टैक्स कानूनों का पालन सही तरीके से करने के लाइ चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स प्रोफेशनल की सलाह जरूर लें।
- आईटीआर फाइल करने के बाद होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए अपने पास खर्च, निवेश क्लेम की गई कटौतियों सहित सभी वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड अपने पास रखें।
- जुर्माने से बचने के लिए कटौती और छूट के दावे का स्टीक क्लेम करना जरूरी होता है। बाद में जुर्माना भरना पड़ सकता है।
- आईटीआर भरने के बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न से संबंधित जानकारी से खुद को अपडेटेड रखें।
31 दिसंबर तक दाखिल कर पाएंगे आईटीआर
जो भी टैक्सपेयर्स से 31 जुलाई तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं, वे लोग 31 दिसंबर तक फाइन के साथ आईटीआर फाइल कर सकते हैं। वेतनभोगी कर्मचारी जिनकी इनकम प्रति वर्ष 5 लाख रुपये है, उन्हें 5 हजार रुपये की पेनल्टी भरनी पड़ेगी। वहीं जिनकी इनकम 5 साल रूपते से कम है, उन्हें 1000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।
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