इन 4 बैंकों ने दी ग्राहकों को राहत, सस्ता हुआ Loan, ब्याज दरों में कटौती, कम होगा EMI का बोझ, देखें पूरी लिस्ट

एचडीएफसी बैंक और BOB समेत 4 बैंकों ने लोन को लेकर बड़ी घोषणा की है। ब्याज दरों में कमी आई है। जिससे ईएमआई भी घट सकती है। नए रेट लागू हैं। आइए संशोधन के बाद दरें कितनी हैं?
Loan Rates

AI Generated Image

जून में रेपो रेट आरबीआई द्वारा घटाया गया था। जिसका असर जुलाई में भी देखने को मिल रहा है। देश के चार बड़े बैंकों ने ग्राहकों को राहत दी है। लोन के ब्याज दरों को घटाया है। ईएमआई पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। यदि आप होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो नए लेंडिंग रेट्स की जानकारी होनी चाहिए। इस लिस्ट में एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।

प्राइवेट बैंक के सबसे बड़े बैंक “HDFC” ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स में 30 बीपीएस तक कटौती की है। नए रेट 7 जुलाई से लागू हो चुके हैं। वहीं बीओबी ने होम लोन लिए ब्याज दरों में कमी का ऐलान किया है। नई दरें 4 जुलाई 2025 से प्रभावी हैं। नए होम लोन इंटरेस्ट रेट 7.45% हैं। बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने जून में भी दरों को घटाया था।

एचडीएफसी बैंक लोन ब्याज दरें (Loan Rates)

संशोधन के एचडीएफसी बैंक एमसीएलआर 8.60% से 8.80% हो चुका है, जो लोन के टेन्योर पर निर्भर करता है। ओवरनाइट एमसीएलआर अब 8.60% है। 1 महीने के लिए दरें 8.60, 3 महीने के लिए 8.65%, 6 महीने से 2 साल के लिए 8.75% और 3 साल के लिए 8.80% है। बेस रेट 9.35% और बेंचमार्क पीएलआर 17.85% हैं, जो 25 जून से लागू हैं।

इन बैंकों ने भी सस्ता किया लोन 

  • 7 जुलाई को करूर व्यास बैंक ने एमसीएलआर में कटौती का ऐलान किया है। दरों में 10 से 25 बीपीएस तक की कमी आई है। ओवरनाइट एमसीएलआर 9.35% से घटकर 9.25% हो गई है। एक महीने के लिए दरें 9.40% हैं, जो पहले 9.50% थी। 3 महीने के लिए दरें 9.40%, 6 महीने के लिए 9.55% और एक साल के लिए 9.55% है।
  • बैंक ऑफ इंडिया ने भी एमसीएलआर दरों में कटौती की है। ओवरनाइट दरें 8.40% से घटकर 8.20% हो चुकी है। एक महीने के लिए 8.35%, 3 महीने के लिए 8.55%, 6 महीने के लिए 8.75%, एक साल के लिए 8.90% और 3 साल के लिए 9.20% हैं।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews