रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त को एमपीसी बैठक में लिये गए फैसलों की घोषणा कर दी है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बाद भी देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक ने लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव किया है। कई टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स में 5 आधार अंकों की कटौती की है।
नई MCLR दरें 7 अगस्त से लागू हो चुकी हैं। बैंक ने जुलाई में भी लेंडिंग रेट्स में बदलाव किया था। आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक संशोधन के बाद दरें 8% से लेकर 8.65% के बीच है, जो पहले 8.05% से लेकर 8.70% तक थी। केवल 2 साल के टेन्योर के लिए एमसीएलआर में बदलाव नहीं किया है, रेट्स 8.55% पर बरकरार हैं।
नई MCLR दरें जानें
ओवरनाइट टेन्योर के लिए एमसीएलआर में 0.05% की कटौती की गई है, दरें 8.05% से घटकर 8% हो चुकी हैं। 1 महीने की अवधि के लिए एमसीएलआर 8.05% से घटकर 8% हो चुका है। 3 महीने के लिए दरें 8.20% से घटकर 8.15% हो गई हैं। 3 महीने के लिए दरें 8.30% है , जो पहले 8.35% थी। 1 साल के लिए एमसीएलआर 8.45% से घटकर 8.40% हो चुका है। वहीं 3 साल की अवधि के लिए दरें 8.70% से घटकर 8.65% हो चुकी हैं।
मार्जिनल मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स वे न्यूनतम दरें होती हैं, जिसके आधार पर बैंक विभिन्न प्रकार के लोन के लिए ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। इसका सीधा असर में ईएमआई पर पड़ता है। बेस रेट 8.70% पर बरकरार है। बेंचमार्क पीएलआर 17.20% है। आखिरी बार बेस रेट और बेंचमार्क पीएलआर में 24 जून 2026 को बदलाव किया गया था।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिल रहा कितना ब्याज?
बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया है। 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को 2.75% से लेकर 6.50% तक ब्याज ऑफर कर रहा है। जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 6 .25% से लेकर 7% तक ब्याज मिल रहा है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक का निवेश ग्राहक कर सकते हैं।






