सरकार के खजाने में इजाफा, जून में बड़ी उछाल के साथ 1.94 लाख करोड़ के पार पहुंचा GST कलेक्शन

चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान, कुल GST कलेक्शन ₹6.32 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में जमा हुए ₹5.83 लाख करोड़ की तुलना में 8.4% की ग्रोथ दिखाता है। तिमाही के लिए नेट GST रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹5.40 लाख करोड़ हो गया।
GST Collection

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भारत सरकार ने जून 2026 महीने के GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किये है और ये आंकड़े मोदी सरकार और भारत की अर्थ व्यवस्था के लिहाज से बहुत अच्छे हैं, आकंड़ों के मुताबिक सरकार के खजाने में बम्पर उछाल आया है, यानि इस महीने जीएसटी कलेक्शन में भारी वृद्धि हुई है।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में देश का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 13.9 फीसदी की उछाल के साथ 1.94 लाख करोड़ (1,94, 812 करोड़) रुपये के पार पहुंच गया है, वित्त मंत्रालय ने जो आंकड़े जारी किये हैं उसके मुताबिक पिछले साल (जून 2025) में ये आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ (1,71,105 करोड़)  रुपये था।

विदेशों से आने वाले सामानों पर लगने वाला टैक्स ने भरा खजाना

आंकड़ों पर एक नजर डालें तो इस महीने आयात से होने वाले IGST कलेक्शन में भी बड़ा उछाल देखने को मिला , इसमें 34.6 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली और इससे सरकार के खजाने में इस महीने 60,038 करोड़ रुपये जमा हुए , वहीं घरेलू कलेक्शन पर नजर दौड़ाएं तो उसमें 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई , सरकार को घरेलू GST कलेक्शन से 1,34,774 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

युद्ध के हालात के बावजूद GST में वृद्धि, अच्छे संकेत

युद्ध के हालातों के बावजूद सरकारी खजाने में उछाल आना इस बात की तरफ इशारा करता है कि बाजारों में आर्थिक गतिविधियाँ चल रही हैं, डिमांड बढ़ रही है, जाहिर सी बात है जब डिमांड बढती है , बाजार चलता है तो कारोबार बढ़ता है और कारोबार बढ़ता है तो सरकार के खजाने में टैक्स का पैसा पहुँचता है और ये पैसा देश की बुनियादी विकास योजनाओं को गति देता है। न्यूज़ एजेंसी ANI ने वित्त मंत्रालय के आंकड़ों को अपन X एकाउंट पर पोस्ट किया है ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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