एक्शन मोड में RBI, 54 फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, 16 ने सरेंडर किया CoR, देखें लिस्ट 

आरबीआई ने 50 से अधिक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर दिया है। कई कंपनियों से खुद अपना सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन सरेंडर किया है, जिसे मंजूरी भी दे दी गई है। 
RBI action

अप्रैल में एक बार फिर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई (RBI Action) सामने आई है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में स्थित कुल 54 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का लाइसेंस यानि सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद इन कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के तौर पर कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा 16 एनबीएफसी ने खुद अलग-अलग कारणों ने सीओआर सरेंडर किया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कार्रवाई की जानकारी 8 अप्रैल को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। जिसके मुताबिक दिल्ली में स्थित 49 और हरियाणा में 3 कंपनियों का सीओआर रद्द किया गया। वहीं पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में स्थित एक कंपनी का लाइसेंस कैंसिल हुआ है।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित चेफेयर इंटेक्स लिमिटेड को अब एनबीएफआई के तौर पर कारोबार जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। लाइसेंस 10 मार्च 2026 को कैंसिल कर दिया गया है। तेलंगाना में सेरी लिंगमपल्ली में स्थित जीफोनिक फिनलीज एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का सीओआर भी कैंसिल हो चुका है।

हरियाणा में इन कंपनियों का लाइसेंस रद्द 

आरबीआई ने एनआईटी हरियाणा में स्थित आरएमबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड का लाइसेंस 30 मार्च को रद्द कर दिया गया है। फरीदाबाद में स्थित विशेष सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड और रजत फिनकैप प्राइवेट लिमिटेड का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो चुका है। इन दोनों कंपनियों को भी इससे संबंधित आदेश 30 मार्च को जारी किया गया था।

दिल्ली में किन कंपनियों का लाइसेंस रद्द?

आरबीआई ने दिल्ली 49 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इस सूची में ट्यूलिप इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, पश्चिम विहार में स्थित कनफ्लुएंस लीजिंग एंड क्रेडिट लिमिटेड, डियर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, हर्ष कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, किरण रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड इत्यादि शामिल हैं। सेंट्रल बैंक ने यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 की धारा 45IA (6) के तहत उठाया है। जिन कंपनियों का CoR रद्द हुआ है, उनकी सूची नीचे दी गई है-

इन कंपनियों ने सरेंडर किया लाइसेंस 

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर होने पर 7 कंपनियों ने अपना सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर दिया है, जिसे आरबीआई ने मंजूरी भी दे दी है। अनधिकृत कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के लिए क्राइटेरिया पूरा होने पर चार फाइनेंस कंपनियों ने अपना सीओआर सरेंडर किया है। जबकि विलय/समामेलन/ विघटन/स्वैच्छिक नाम हटाने इत्यादि कारणों से पांच कंपनियों ने अपना सीओआर सरेंडर किया है। लाइसेंस सरेंडर करने वाली कंपनियों पूरी लिस्ट नीचे दी गई है-

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews