एक्शन मोड में RBI, इस फाइनेंस कंपनी पर लगा लाखों का जुर्माना, ये है वजह 

आरबीआई ने एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लाखों की पेनल्टी लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन होने पर यह कदम उठाया गया है। आइए जानें ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा? 
rbi action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की कार्रवाई (RBI Action) का सिलसिला फरवरी 2026 में भी जारी है। आरबीआई ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड कंपनी के खिलाफ दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने के आरोप में सख्त कदम उठाया है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन अपने आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर भी सेंट्रल बैंक में जारी किया है।

इस कंपनी पर 11.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत की गई है। मार्च 2025 तक कंपनी के वित्त स्थिति के संदर्भ में वैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान निर्देशों का पालन न करने का मामला सामने आया। इसके बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

नोटिस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दिए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला आरबीआई ने दिया।

इन नियमों का हुआ उल्लंघन

कंपनी ने उधारकर्ताओं को कुछ खातों पर उनके लोन समझौते में उपयुक्त शर्त शामिल किए बिना संशोधित फॉर क्लोजर चार्जेस लगाया। इसके अलावा यह पक्का करने में भी नाकाम रही कि कुछ शिकायत जिसे कंपनी के इंटरनल ग्रीवेंस रिड्रेस मेकैनिज्म ने कुछ हद तक पूरी या पूरी तरीके से खारिज कर दिया था तय समय के अंदर अपने इंटरनल ओम्बड्समैन के पास भेज सके। कुछ मामलों में तय सीमा के अंदर शिकायत करने वालों को आखिरी फैसला भी कंपनी ने नहीं बताया।

ग्राहकों के लिए चिंता का विषय नहीं 

आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में खामियों पर आधारित है। “फेयर प्रैक्टिस कोड” और “रेगुलेटरी आइडेंटिटी के लिए इंटरनल ओम्बड्समैन” पर जारी नियमों का अनुपालन न होने पर उठाया गया है। इसका उद्देश्य कंपनी और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैलिडिटी पर सवाल उठाना नहीं है। इस एक्शन का असर भविष्य के होनी वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर भी नहीं पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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