RBI ने दिखाई सख्ती: इस बैंक को नियमों की अनदेखी पड़ी महंगी, लगा भारी-भरकम जुर्माना 

आरबीआई ने एक बैंक पर भी फिर पेनल्टी लगाई है। केवाईसी समेत कई नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। आइए जानें इस एक्शन के पीछे क्या कारण है और इसका ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बिहार के बैंक पर सख्ती दिखाई है। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी रेगुलेशन एक्ट 2005 और बीआर एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत पर नियमों का अनुपालन न करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। आरबीआई ने 2 सितंबर को जारी आदेश के तहत दि रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

31 मार्च 2024 को नेशनल बैंक ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने बैंक के फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के लिए एक इंस्पेक्शन किया था। इस दौरान  यह पता चला कि बैंक को दिशानिर्देशों का सही से पालन नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद सभी बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। यह पूछा गया कि नियमों का उल्लंघन न करने पर उन पर पेनल्टी क्यों न लगाई जाए?  सभी बैंकों ने रिप्लाई भी भेजा। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मौखिक प्रस्तुतियां भी दी। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला केंद्रीय बैंक ने लिया।

आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?

बैंक ने केवाईसी से संबंधित कई नियमों का उल्लंघन किया है। निर्धारित अवधि के भीतर कुछ गैर बैंकिंग परिसंपत्तियों का निपटान नहीं कर पाया। अपने ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी सभी चार क्रेडिट सूचना कंपनियों को प्रस्तुत करने में भी विफल रहा। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड भी नहीं कर पाया।

क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर? 

आरबीआई देश भर के सभी बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को रेगुलेट करता है। नियमों का सही से अनुपालन सुनिश्चित करता है। जब भी कोई बैंक नियमों की अनदेखी करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जो विनियामक खामियों पर आधारित होती है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे एग्रीमेंट या लेनदेन पर प्रभाव डालना नहीं है। न भी भविष्य में होने वाले किसी एक्शन पर इसका असर पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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