
मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड देश भारत के प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों में से एक है। देशभर में इसके अनेक ब्रांच मौजूद हैं। यह ग्राहकों को गोल्ड लोन, व्हीकल लोन, पर्सनल लोन, बीमा समेत अन्य वित्तीय सेवाएं ऑफर करता है। “आंतरिक लोकपाल” पर जारी गाइडलाइंस का सही से अनुपालन न होने पर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने इसके खिलाफ सख्ती दिखाई है।
24 सितंबर को एक आदेश जारी करते हुए आरबीआई ने इस कंपनी पर 2.70 लाख रुपये का। जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक में प्रेस विज्ञप्ति के जरिए शुक्रवार को दी है।
एक्शन से पहले हुआ था निरीक्षण
31 मार्च 2024 को कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के लिए आरबीआई ने एक वैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न होने का पता चला। जिसके बाद कंपनी को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आए जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद इस कंपनी पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।
कंपनी ने तोड़े ये नियम
प्रत्येक कंपनी को एक आंतरिक लोकपाल (IO) नियुक्त करना पड़ता है, जिसका काम शिकायतों की समीक्षा और समाधान प्रदान करना है। ग्राहक की शिकायत सबसे पहले कंपनी की “शिकायत निवारण प्रणाली” में जाती है। शिकायत खारिज होने पर सीधा आईओ के पास चली जाती है। आईओ का फैसला अंतिम होता है, जिसे कंपनी को मनाना ही पड़ता है। इसके लिए एक व्यवस्थित सिस्टम की जरूरत होती है। लेकिन मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र द्वारा आंशिक या पूर्ण रूप से अस्वीकृत शिकायतों को अपने आंतरिक लोकपाल के सामने स्वतः अग्रेषित करने के लिए प्रणाली स्थापित नहीं कर पाया।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
आरबीआई के इस एक्शन का ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि खुद केंद्रीय बैंक में नोटिफिकेशन में की है। यह कार्रवाई पूरी तरह विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे है ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट पर प्रभाव डालना नहीं है।

