RBI ने किया रेपो रेट का ऐलान, जानें GDP ग्रोथ और महंगाई को लेकर क्या अनुमान

रिजर्व बैंक की ओर से एमपीसी की बैठक के बाद रेपो रेट का ऐलान कर दिया गया है। इसमें कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे यथावत रखा गया है। जीडीपी और महंगाई को लेकर भी अनुमान जताया गया है।
RBI

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बार फिर ब्याज दर यानी कि रेपो रेट यथावत रखने का फैसला लिया है। सोमवार को शुरू हुई आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग के बाद आज गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस बारे में जानकारी दी है।

गवर्नर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रेपो रेट 5.25% पर यथावत रखने का फैसला किया गया है। इसमें कोई बदलाव न होने से लोगों की लोन की किश्त पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई द्वारा कमर्शियल बैंकों को लोन दिया जाता है।

यथावत रहेगी रेपो रेट

बता दें कि इसके पहले जून 2026, अप्रैल 2026 और फरवरी 2026 में जब एमपीसी की बैठक हुई थी। तब भी रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों को स्थिर रखा गया था। रेपो रेट में आखिरी बार दिसंबर 2025 की बैठक में बदलाव किया गया था। जब यह 5.5% से घटाकर 5.25% कर दिया गया था। अब इसे यथावत रखने से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी। जिन्होंने होम लोन, कार लोन या फिर फ्लोटिंग ब्याज दर के लोन लिए हुए हैं। इन लोगों की मासिक ईएमआई नहीं बढ़ेगी, जिससे बजट में गड़बड़ नहीं होगी। रेपो रेट के अलावा स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 5%, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट 5.50 पर स्थिर रखा गया है।

जीडीपी में वृद्धि का अनुमान

जीडीपी ग्रोथ को लेकर आरबीआई गवर्नर का कहना है कि इस फाइनेंशियल ईयर में रियल जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी तक जा सकती है। पहली तिमाही में यह 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है जबकि दूसरी तिमाही के लिए अनुमान 6.3% से 6.4% किया गया है। आरबीआई गवर्नर द्वारा मिडल ईस्ट में चल रहे टेंशन का जिक्र भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया की वजह से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता है और कच्चे तेल की कीमत में लगातार उतरा चढ़ाव देखने को मिल रही है

महंगाई को लेकर क्या अनुमान

जीडीपी ग्रोथ के अलावा महंगाई को लेकर भी आरबीआई गवर्नर द्वारा जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि खाने-पीने की चीजों से लेकर ईंधन की कीमतों में वृद्धि के चलते देश में खुदरा महंगाई अनुमान से ज्यादा रही है और मानसून में इसे लेकर जोखिम बढ़ा हुआ है। इसके बावजूद आरबीआई ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए रिटेल इन्फ्लेशन के अनुमान में कटौती करते हुए इसे 5.1 प्रतिशत से 5% कर दिया है। पहली तिमाही में रिटेल महंगाई 5.3 फीसदी, दूसरी तिमाही में 4.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.5 फीसदी रहने का अनुमान है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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