RBI एक बार फिर कर सकता रेपो रेट में वृद्धि, कुछ दिनों में कर सकता है ऐलान, ग्राहकों पर होगा असर, जानें

RBI एक बार फिर कर सकता रेपो रेट में वृद्धि, कुछ दिनों में कर सकता है ऐलान, ग्राहकों पर होगा असर, जानें

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। रिपोर्ट के मुताबिक एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रेपो रेट (RBI Repo Rate) में वृद्धि कर सकता है। कुछ दिनों में आरबीआई क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करने वाली है। 5 अगस्त 2022 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मौद्रिक समीक्षा नीति की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस दिन आरबीआई रेपो रेट में वृद्धि की घोषणा भी कर सकता है। इससे पहली भी आरबीआई ने जून और मई में रेपो रेट में वृद्धि की थी। 4 मई और 8 जून को रेपो रेट में हुए बढ़ोतरी की घोषणा आरबीआई द्वारा की गई थी।

यह भी पढ़े… बैंक के लाखों कर्मचारी-पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर, DR, Ex-Gratia राशि में वृद्धि, आदेश जारी, अगस्त से मिलेगा लाभ

फिलहाल रेपो डर 4.90% है। रिपोर्ट की माने तो इस वित्त वर्ष के अंत में टर्मिनल रेपो रेट 5.90% तक पहुँच सकता है। हालांकि अब तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है की रेपो रेट में कितनी वृद्धि होगी। रेपो रेट का सीधा कनेक्शन लोन से होता है। यदि इस महीने रेपो रेट में वृद्धि होती है तो लोन लेने वाले ग्राहकों पर सीधा असर पड़ेगा। होम लोन, कार लोन समेत अन्य लोन भी महंगा हो जाएगा और कर्ज पर ब्याज दर बढ़ा दिए जाएंगे। वहीं ईएमआई की दरें भी बढ़ जाएगी।

यह भी पढ़े… IBPS PO Recruitment: 6432 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी, इस दिन होगी परीक्षा, यहाँ जानें डिटेल्स

अंदाजा लगाया जा रहा है की सेंट्रल बैंक 50 BPS तक की वृद्धि कर सकता है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है की आरबीआई रेपो रेट में आधा फीसदी की बढ़ोत्तरी कर सकता है। वहीं अन्य लोगों का यह भी कहना है की दरों में 25-35 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। आरबीआई यह फैसला बढ़ते महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ले सकती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews