RBI की बड़ी कार्रवाई, 3 बैंकों पर लगाया मौद्रिक जुर्माना, एक को मिली राहत, कहीं इनमें आपका अकाउंट तो नहीं?

आरबीआई ने तीन बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। नियमों के उल्लंघन का आरोप है। एक बैंक के ग्राहकों को राहत भी मिली है। आइए जानें केन्द्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया?
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रिजर्व बैंक ऑफ (RBI) ने देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को रेगुलेट करने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। जिनका पालन अनिवार्य होता है। दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर आरबीआई कार्रवाई भी करता रहता है। केन्द्रीय बैंक ने तीन बैंकों के खिलाफ एक्शन लिया है। मौद्रिक जुर्माना लगाया है। ये बैंक कर्नाटक, कर्नाटक और गुजरात में स्थित हैं।

आरबीआई ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को राहत दी है। प्रशासक के परामर्श पर बैंक के तरलता की समीक्षा के बाद 27 फरवरी 2025 से प्रत्येक जमाकर्ता 25,000 रुपये तक की निकासी कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहक एटीएम चैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन बैंकों पर लगा जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक ने कर्नाटक में स्थित गुलबर्गा और यादगीर जिला सहकारी बैंक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आंध्र प्रदेश के गुन्टूर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक लिमिटेड पर भी 50,000 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। वहीं गुजरात के वडोदरा में स्थित महिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर 25000 रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

आरबीआई ने क्यों उठाया ये कदम 

गुलबर्गा और यादगीर जिला सहकारी बैंक निर्धारित समय के भीतर नाबार्ड को वैधानिक रिटर्न जमा करने में विफल रहा। गुन्टूर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक लिमिटेड वित्तवर्ष के लिए अपने खातों और बैलेंस शीट को पब्लिश करने और निर्धारित समय के भीतर के लिए आरबीआई या नाबार्ड को इसकी कॉपी प्रस्तुत करने में विफल रहा। वहीं महिला सहकारी बैंक लिमिटेड निर्धारित समय के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं कर पाया।

नाबार्ड या आरबीआई द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान नियमों में अनदेखी का खुलासा हुआ। सभी बैंकों को नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आई प्रतिक्रिया और जांच के बाद जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि इस असर ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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