
Retail Inflation June 2024: केंद्र सरकार ने खुदरा महंगाई दर के नए आँकड़े जारी कर दिए हैं। जून महीने में रिटेल इंफ्लेशन में वृद्धि हुई है। आँकड़े 5.08% दर्ज किए गए हैं। यह पिछले चार महीने का उच्चतम स्तर है। बता दें कि जून 2023 में यह आंकड़ा 4.87% था। वहीं मई 2024 में खुदरा महंगाई दर 4.8% था। ग्रामीण मुद्रास्फीति 5.66% और शहरी मुद्रास्फीति 4.49% रही।
क्या कहते हैं आँकड़े?
आंकड़ों के अनुसार खाद्य महंगाई दर 8.69% से बढ़कर 9.36% हो गई है। ग्रामीण और शहरी महंगाई दर में क्रमशः 0.32% और 0.18% की वृद्धि हुई है। सब्जियों की मुद्रास्फीति 27.33% से बढ़कर 29.32% हो गई है। हाउसिंग महंगाई दर 2.56% से बढ़कर 2.69% हो गई है। जून में बिजली और ईंधन का खुदरा महंगाई भी बढ़ा। वहीं कपड़े और जुटे सस्ते हुए। मसालों, दाल, मीट और अंडों के महंगाई दर में भी गिरावट आई। पिछले सीपीआई कोर महंगाई दर में कोई बदलाव नहीं हुआ, आंकड़ा 3.1% पर बरकरार है।
फरवरी के बाद जून में बढ़ी मुद्रास्फीति
इस साल फरवरी में सबसे आधिक खुदरा मुद्रास्फीति दर्ज की गई थी, आंकड़ा 5.09% था। वहीं पिछले साल जुलाई में महंगाई दर 7.44% था। इस साल मई में सबसे कम महंगाई दर थी। इस दौरान मुद्रास्फीति 4.80% थी।
बढ़ सकती है आरबीआई की चिंता
आरबीआई को केंद्र सरकार ने महंगाई को कंट्रोल में रखने की जिम्मेदारी सौंपी हैं। पिछले चार महीने से खुदरा मुद्रास्फीति 5% से कम थी। लेकिन जून में हुआ इजाफा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की चिंता बढ़ा सकता है। बता दें कि केन्द्रीय बैंक ने सीपीआई मुद्रास्फीति की सीमा 4% के आसपास निर्धारित की है।
आईआईपी ग्रोथ को लेकर आई गुड न्यूज
एक तरह जहां खुदरा महंगाई दर में वृद्धि हुई है। वहीं दूसरी तरफ मई में औद्योगिकी उत्पादन बेहतर रहा। आईआईपी ग्रोथ 5.7% से बढ़कर 5.9% रहा। इलेक्ट्रिसिटी, मीनिंग, प्राइमेरी गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल के आंकड़ों में वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रिसिटी का ग्रोथ 0.9% से बढ़कर 13.7% हो गया है। वहीं प्राइमेरी गुड्स ग्रोथ 7.3% रहा। हालांकि मई में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ और कैपिटल गुड्स ग्रोथ में कमी आई है।

