एसबीआई की नई म्यूचुअल फंड स्कीम शुरू, 25 अक्टूबर तक उठायें लाभ, 5000 रुपये से निवेश शुरू, जानें सबकुछ 

एसबीआई म्यूचुअल की नई स्कीम लॉन्च हो चुकी है। 25 अक्टूबर तक इसमें निवेश कर सकते हैं। इसके साप्ताहिक एसआईपी का विकल्प भी मिलता है। 
mutual fund

SBI Mutual Fund Scheme: एसबीआई म्यूचुअल फंड ने इक्विटी कैटेगरी के नए सेक्टोरल फंड “एसबीआई निफ्टी इंडिया कंजम्प्शन  फंड” की शुरुआत हाल ही में की है। यह 25 अक्टूबर तक बंद हो जाएगा। म्यूचुअल फंड हाउस के मुताबिक लॉन्ग टर्म में कैपिटल एप्रिसिएशन की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता हो।

इस स्कीम का बेंचमार्क निफ्टी इंडिया कंजम्प्शन  इंडेक्स है। फंड मैनेजर हर्ष सेठी हैं। इसके तहत निफ्टी इंडिया कंजम्प्शन इंडेक्स के स्टॉक्स में न्यूनतम 95% और अधिकतम 100% का निवेश होगा। वहीं सरकारी सिक्योरिटीज में 5% तक का निवेश होगा।

स्कीम के बारे में (SBI NFO)

एसबीआई एमएफ के ओपन एंडेड फंड में उपभोक्ता नॉन-ड्यूरेबल्स, ऑटो, फार्मा, होटल, हेल्थकेयर, टेलिकॉम सर्विसेज़, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट जैसे डोमेस्टिक कंजम्प्शन से जुड़ी कंपनियों को इस एनएफओ में निवेश का अवसर मिलेगा। इसमें डायरेक्ट और रेगुलर दोनों प्लान शामिल हैं। वहीं इस प्लांस में दो ऑप्शन उपलब्ध हैं- ग्रोथ और इनकम ऑप्शन।

कितना कर सकते हैं निवेश? (Investment Plan) 

इस फंड में 5000 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में इनवेस्टमेंट करना होता है। निवेशकों को साप्ताहिक, दैनिक, तमही, छमाही और सलाना एसआईपी का ऑप्शन भी मिलता है। किसी का भी चुनाव वे कर सकते हैं।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। जो विभिन्न मध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी योजना, शेयर मार्केट, आईपीओ और फंड में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews