एक कमरे से हुई थी DMart की शुरुआत, अब 4 करोड़ रोजाना का मुनाफा, पढ़ें राधाकिशन दमानी की Success Story

राधाकिशन दमानी एक साधारण मारवाड़ी परिवार में जन्मे थे, जिनके पिता शेयर बाजार में काम करते थे। उनका परिवार मुंबई में एक कमरे के अपार्टमेंट में रहता था।
एक कमरे से हुई थी DMart की शुरुआत, अब 4 करोड़ रोजाना का मुनाफा, पढ़ें राधाकिशन दमानी की Success Story

DMart Success Story : कहते हैं जब सफलता पानी हो तो मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए बहुत सी चीजों का त्याग करना पड़ता है, क्योंकि कहते हैं ना मेहनत और सफलता पाने का एक समय होता है। अगर आपने उसे गवां दिया, तो आप जीवन में आगे कभी कुछ नहीं कर सकते हैं। इसलिए समय रहते ईमानदारी के साथ मेहनत करते जाएं। सफलता एक-ना-एक-दिन अवश्य हाथ लगेगी और जो दृढ़ निश्चय कर चुके हो कि उन्हें यह पाना ही है, उन्हें दिलाने में तो पूरी कायनात एक हो जाती है। वहीं, आजकल लोग नौकरी के पीछे ना भाग कर खुद का बिजनेस कैरियर बनाना चाहते हैं क्योंकि इसमें पैसा तो है ही साथ ही आप उसमें खुद के मालिक होते हैं। ऐसी ही एक सक्सेस स्टोरी आज हम आपको राधाकिशन दमानी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो DMart के फाउंडर हैं।

मारवाड़ी परिवार में हुआ जन्म

राधाकिशन दमानी एक साधारण मारवाड़ी परिवार में जन्मे थे, जिनके पिता शेयर बाजार में काम करते थे। शुरू में उनका परिवार मुंबई में एक कमरे के अपार्टमेंट में रहता था। दमानी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से कॉमर्स की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया, लेकिन एक साल के बाद पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद, उन्होंने बॉल बेयरिंग का कारोबार शुरू किया। उनके पिता की मृत्यु के बाद दमानी ने बॉल बेयरिंग का कारोबार छोड़कर स्टॉक मार्केट ब्रोकर और निवेशक के रूप में करियर बनाने का निर्णय लिया। साल 1992 में हर्षद मेहता घोटाले के बाद शेयर बाजार में उछाल आया, जिससे उनके कारोबार में तेजी आई।

2002 में मिली सफलता

दमानी अपनी निवेश फर्म ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो को मैनेज करते हैं। उन्होंने शेयर बाजार में वैल्यू इन्वेस्टिंग के जरिए करोड़ों रुपये कमाए। इसके बाद, साल 1999 में मुंबई के नेरूल में फ्रेंचाइज़ी शुरू की लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि, दमानी ने हिम्मत नहीं हारी और साल 2002 में राधाकिशन दमानी ने 1 BHK फ्लैट से रिटेल चेन डीमार्ट (DMart) की शुरुआत की थी। करीब 20 सालों में डीमार्ट एक बड़ी सफलता बन गई है और अब करोड़ों का कारोबार कर रही है। दमानी की बिज़नेस नीति रही कि वे कभी भी किराए पर स्टोर नहीं लेते। वे जहां भी स्टोर खोलते हैं, वह स्टोर उनका खुद का होता है। आज डीमार्ट के 238 से ज़्यादा स्टोर्स हैं।

राधाकिशन की संपत्ति

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, उनके पास 23 अरब डॉलर की संपत्ति है, जो फोर्ब्स की सूची में उन्हें सबसे अमीर भारतीयों में पांचवें स्थान पर लाती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में डीमार्ट ने 1492 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। इस प्रॉफिट की दैनिक गणना करें तो यह लगभग 4 करोड़ रुपये रोजाना बनती है। पिछले वित्तीय वर्ष में डीमार्ट की कुल बिक्री 30,976 करोड़ रुपये रही। राधाकिशन ने अपने भाई के साथ मिलकर दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल्स स्थित नारायण दाभोलकर मार्ग पर ‘मधुकुंज’ नामक बंगला 1001 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह बंगला 1.5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और इसका कुल बिल्ट-अप एरिया करीब 61,916 वर्ग फीट है। बता दें कि इसे मुंबई का सबसे महंगा घर माना जाता है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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