Success Story: 10 हजार रुपये से 2.5 खरब डॉलर तक का सफर, विजय शेखर शर्मा ने ऐसे किया तय

one97 Communication Ltd ही आगे चलकर पेटीएम की पैरंट कंपनी बनी। पेटीएम (Paytm) की स्थापना 2010 में हुई और यह जल्द ही डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंस-टेक के क्षेत्र में बड़ी कंपनी बन गई।
Success Story: 10 हजार रुपये से 2.5 खरब डॉलर तक का सफर, विजय शेखर शर्मा ने ऐसे किया तय

PayTM Success Story : कहते हैं अगर मन में इच्छा हो तो सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता। दरअसल, सफलता के लिए जब लोग मेहनत करने में लग जाते हैं, तो पूरी कायनात भी उसे पूरा करने में जुट जाती है। आज हम आपको ऐसी ही सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं जोकि बहुत रिस्क लेकर शुरू की गई थी। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको पेटीएम के को फाउंडर विजय शेखर शर्मा की सक्सेस स्टोरी बताएंगे।

शुरूआत में आई मुश्किलें

27 साल की उम्र में वे केवल 10 हजार रुपये प्रति महीना कमा रहे थे, जिससे उनकी शादी तक में मुश्किलें आ रही थीं। उनके पिता ने उन्हें सलाह दी कि वे अपनी कंपनी बंद कर दें और कोई ऐसी नौकरी कर लें जो 30 हजार रुपये प्रति महीना दे। लेकिन विजय ने हार नहीं मानी और अपनी कंपनी पर मेहनत करते रहे। साल 2010 में विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम (Paytm) की स्थापना की। पेटीएम ने धीरे-धीरे डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में क्रांति लाई और लोगों को कैशलेस ट्रांजेक्शन की सुविधा प्रदान की। वहीं, साल 2021 में पेटीएम का आईपीओ ढाई अरब डॉलर के मूल्यांकन पर खुला, जो उनकी सफलता में बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है।

चुनौती से रही भरी

दरअसल, विजय शेखर शर्मा की कहानी उन चुनौतियों से भरी है, जिनका सामना उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में किया। साल 2004 में उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। जिसके बाद वह छोटी सी कंपनी चला रहे थे और मोबाइल कॉन्टेंट बेचा करते थे। हालांकि, उनकी आय बहुत कम थी। इस कारण जब भी उनके लिए शादी की बात होती थी और लड़की वालों को उनकी आय का पता चलता था वे तुरंत मना कर देते थे। इसपर विजय ने एक इंटरव्यु में कहा, “लड़की वालों को जब पता चलता था कि मैं दस हजार रुपये महीना कमाता हूं तो वे दोबारा बात ही नहीं करते थे। मैं अपने परिवार का अयोग्य कुआंरा बन गया था।” इसके बावजूद विजय ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करते रहे। उनकी इसी लगन और कड़ी मेहनत का नतीजा था कि उन्होंने 2010 में पेटीएम (Paytm) की स्थापना की, जो आगे चलकर एक बड़ी सफलता बनी।

मशहूर कंपनियों में से एक

1997 में उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान indiasite.net नाम की एक वेबसाइट बनाई थी, जिसे उन्होंने लाखों रुपये में बेचा। इस सफलता के बाद, उन्होंने 2000 में one97 Communication Ltd की स्थापना की। इस कंपनी के जरिए उन्होंने क्रिकेट मैच के स्कोर, जोक्स, रिंगटोन और परीक्षा के रिजल्ट जैसी खबरें प्रदान करना शुरू किया। one97 Communication Ltd ही आगे चलकर पेटीएम की पैरंट कंपनी बनी। पेटीएम (Paytm) की स्थापना 2010 में हुई और यह जल्द ही डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंस-टेक के क्षेत्र में बड़ी कंपनी बन गई। पेटीएम अब भारत की सबसे मशहूर कंपनियों में से एक बन गई है।

संपत्ति

फोर्ब्स पत्रिका ने विजय शेखर शर्मा की संपत्ति 2.4 अरब डॉलर, यानी भारतीय रुपयों में लगभग सवा खरब रुपये आंकी है। उनकी सफलता ने न केवल उन्हें बल्कि उनके माता-पिता और परिवार को भी गर्व और आश्चर्य से भर दिया है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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