CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: स्कूल और विद्यार्थी जरूर रखें इन बातों का ख्याल, दिशा निर्देश जारी

एलओसी सबमिशन प्रोसेस के दौरान छात्रों और स्टूडेंट्स को डेटा का ख्याल रखना चाहिए। निर्धारित तारीख के बाद नाम, जन्मतिथि और विषय संयोजन में सुधार की अनुमति नहीं होगी। जिसके कारण भविष्य में परेशानी भी हो सकती है। 
cbse board exam 2026

सीबीएसई कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) के लिए एलओसी सबमिशन और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस जारी है। यह प्रक्रिया स्कूल और स्टूडेंट्स दोनों के लिए महत्वपूर्ण होती है। एलओसी जमा करते समय दर्ज किए गए डेटा के अनुसार ही एडमिट कार्ड और परिणाम तैयार किए जाते हैं। एक बार फिर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए “उम्मीदवारों के लिस्ट (LOC)” को लेकर  नोटिस जारी किया है।

एलओसी सबमिशन को लेकर सभी स्कूलों को कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसका पालन अनिवार्य होगा। डेटा में गलती होने की जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। ऐसे उम्मीदवार जो अगले साल बोर्ड एग्जाम देने वाले हैं, वे डेटा को लेकर सावधानी जरूर बरतें। ताकि भविष्य में कोई भी समस्या का सामना न करना पड़े।

इन बातों का जरूर रखें ख्याल 

बोर्ड ने स्कूलों को एलओसी  जमा करते वक्त या सुनिश्चित करने को कहा है कि स्टूडेंट/माता-पिता/अभिभावक के नाम की स्पेलिंग सही हो। साथ ही स्कूल रिकॉर्ड/एडमिशन और निकासी रजिस्टर के अनुसार हो।  को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है की  दर्ज की गई जन्मतिथि भी सही हो और स्कूल रिकॉर्ड और निकासी रजिस्टर्ड के अनुसार हो। बोर्ड में विषय संयोजन का ख्याल रखने का निर्देश दिया है। सब्जेक्ट  कांबिनेशन स्टडी स्कीम के अनुसार ही होने चाहिए। विषय कोड को सही से भरने की सलाह दी गई है।

सुधार का मौका भी मिलेगा 

बोर्ड ने स्कूलों को डेटा सत्यापन पर्ची तैयार करने का निर्देश भी दिया है। एलओसी के अंतिम रूप से जमा होने के बाद स्कूल प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए डेटा वेरीफिकेशन स्लिप तैयार करके उपलब्ध कराएंगे। इसी स्टेज में डेटा को अपडेट भी कर सकेंगे। इससे संबंधित नोटिफिकेशन अगस्त 2025 में जारी किया गया था। अंतिम तिथि के बाद यदि छात्र के नाम/माता-पिता/गार्जियन के नाम, जन्म तिथि या विषय में कोई गलती पाई जाती है, तो स्कूलों को 13 से लेकर 27 अक्टूबर के बीच इसमें बदलाव का मौका दिया जाएगा। बाद में कोई मौका बोर्ड नहीं देगा।

यदि स्कूल ने निर्धारित समय के भीतर एलओ जमा के साथ शुल्क का भुगतान कर दिया है। और  उन्हें लगता है कि कुछ डेटा गलत है। तो ऐसी स्थिति में अंतिम तारीख के भीतर डेटा को सही किया जा सकता है। बदलाव करने के लिए कुछ एक्स्ट्रा फीस भी देनी पड़ सकती है, जिसका भुगतान स्कूलों को करना होगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews