CBSE Exam 2023: 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए जरूरी खबर, परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव, जानें अब कैसे आएंगे सवाल?

CBSE Board 10th-12th

CBSE Exam Pattern 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए जरूरी खबर है। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला किया है। सीबीएसई  परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया जाएगा, इसके तहत इस बार बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों से कुछ कॉम्पिटेटिव सवाल भी पूछे जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को संसद में दी गई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को संसद में जानकारी दी गई है कि 2023 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई कक्षा 10वीं की परीक्षा में कम से कम 40 फीसदी और कक्षा 12वीं की परीक्षा में 30 प्रतिशत प्रश्न योग्यता यानी कंप्टेंसी आधारित होंगे। इस बार बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों में वस्तुनिष्ठ प्रकार, कंस्ट्रक्टिव रिस्पॉन्स टाइप, एसर्शन यानी अभिकथन, रीजनिंग यानी तर्क और मामले यानी केस आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।

ऐसे पूछे जाएंगे सवाल

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शीत कालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी देते हुए कहा कि सीबीएसई  शैक्षणिक सत्र 2022-23 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, परीक्षाओं के पैटर्न में सुधार के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में योग्यता-आधारित प्रश्न पूछने की शुरुआत कर रहा है। ये सवाल ऑब्जेक्टिव टाइप, तर्कशक्ति, केस आधारित, रचनात्मक आदि होंगे।

नई नीति के तहत बदलाव

मंत्री अन्नापूर्णा ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy) के तहत स्कूल एजुकेशन में कुछ प्रमुख बदलाव किए गए हैं जिसमें कंपीटेंसी बेस्ड लर्निंग, अडॉप्शन ऑफ लर्निंग आउटकम, एक्सपेरिमेंटल और मजेदार तरीके से पढ़ाने के तरीकों का प्रयोग (जैसे- कलात्मक तरीके से, खेल-खेल में सिखाना, कहानियां सुनाकर सिखाने का तरीका आदि), फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमरेसी पर जोर, सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी लेवल पर क्वालिफाइड काउंसलर्स की नियुक्ति आदि शामिल है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews