NEET UG 2026 काउंसलिंग पर अपडेट, MCC ने जारी किया अहम नोटिस, उम्मीदवार जरूर रखें इन बातों का ख्याल

नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर अहम नोटिस जारी किया गया है। राउंड-1 में जिन छात्रों को सीट अलॉट किया गया है, वे कॉलेजों में रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा फ्रीज़ एंड फ्लोट ऑप्शन की शुरुआत भी की गई है। 
neet ug counselling 2026

मेडिकल काउंसलिंग कमिटी ने 24 अगस्त को नीट यूजी काउंसलिंग (NEET UG Counselling) राउंड-1 को लेकर अहम नोटिस जारी किया है। जिसके मुताबिक काउंसलिंग प्रक्रिया में फ्रिज और फ्लोट का ऑप्शन मिलेगा। जिसे इस साल पहली बार शुरू किया गया है। इस सुविधा से संबंधित जानकारी को अच्छे से समझने के लिए एमसीसी ने छात्रों को इनफॉरमेशन बुलिटिन चेक करने की सलाह दी है। जिसमें एडमिशन प्रक्रिया से संबंधित करने जानकारी भी उपलब्ध है। इसके अलावा अपडेट के लिए नियमित पर आधिकारिक वेबसाइट http://mcc.nic.in करने को कहा गया है।

ऑल इंडिया कोटा के तहत एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए काउंसलिंग के पहले चरण का फाइनल रिजल्ट घोषित हो चुका है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रैंक वाइज आवंटित कॉलेज, पाठ्यक्रम कैटेगरी और अन्य जानकारी को चेक कर सकते हैं।

संशोधित शेड्यूल के मुताबिक आवंटित कॉलेजों में रिपोर्टिंग या जॉइनिंग की टाइमिंग की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। छात्रों द्वारा जमा किए डेटा का सत्यापन 1 सितंबर को होगा।

उम्मीदवारों को मिलेंगे ये दो विकल्प 

ऐसे उम्मीदवार जो राउंड 1 से राउंड 2 या राउंड 2 से राउंड 3 में अपग्रेड करना चाहते हैं, अब उन्हें ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के साथ अलॉट किए गए संस्थाओं या कॉलेज में रिपोर्ट करना नहीं होगा। वे “Freeze” या Float” का ऑप्शन लॉग इन करके चुन सकते हैं। फ्रीज ऑप्शन मतलब उम्मीदवार कोई अपग्रेडेशन नहीं चाहता और कॉलेज ज्वाइन करना चाहते हैं। उन्हें ज्वाइन करने के लिए दिए गए संस्थानों में खुद जाना होगा।  संस्थाओं द्वारा फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। फीस भी डिपॉजिट करनी होगी। एडमिशन प्रक्रिया को लेकर अंतिम फैसला कॉलेज द्वारा लिया जाएगा। दस्तावेज सही होने पर एडमिशन कंफर्म होगा और सीट फाइनल माना जाएगा। दस्तावेज गलत होने पर एडमिशन रद्द हो सकता है।

फ्लोट ऑप्शन चुनने पर क्या होगा?

“फ्लोट” का मतलब उम्मीदवार अगले राउंड में अपडेट करना चाहते हैं। ऐसे छात्रों को ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। उन्हें कॉलेज जाने जरूरत नहीं पड़ेगी। कॉलेज अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन ही दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। संस्थान के नोडल ऑफिसर खामियों का पता लगाएंगे। समाधान प्रक्रिया होगी। आवंटित संस्थान की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कमेटी उम्मीदवारों से गलतियों के बारे में सवाल पूछ सकती है। सीट कैंसिल होने से बचने के लिए उम्मीदवार को नोरधारित समय के भीतर  दस्तावेज दोबारा अपलोड करने होंगे। नोडल ऑफिसर या डीवीसी द्वारा सही अपलोड किए गए दस्तावेजों का दोबारा वेरिफिकेशन किया जाएगा। डॉक्यूमेंट सही पाए जाते हैं तो सीट अस्थायी रूप से कंफर्म हो जाएगी और कैंडिडेट को अगले राउंड के लिए योग्य माना जाएगा। वहीं यदि जमा किए गए डॉक्यूमेंट में कोई भी गलती होती है तो सीट रद्द कर दी जाएगी। हालांकि राउंड के लिए छात्रों को अगले राउंड के लिए योग्य माना जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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