छत्तीसगढ़ के घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। स्वतंत्रता दिवस से राज्य में पहली बार 10 किलो क्षमता वाले कंपोजिट एलपीजी गैस सिलेंडर की शुरुआत होने जा रही है। सबसे पहले यह सुविधा 15 अगस्त से रायपुर में शुरू की जाएगी। इसके बाद मांग और व्यवस्था के अनुसार राज्य के सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा।
खास बात ये है कि आम और पुराने लोहे के सिलेंडरों की तुलना में ये हल्का होगा और इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसकी बॉडी जंग नहीं पकड़ेगी। यह फाइबर ग्लास और पॉलीमर से बना है। इतना ही नहीं सिलेंडर पारदर्शी होगा, जिससे आपको यह भी पता लग जाएगा कि अंदर कितनी गैस भरी और खाली है।
नया गैस सिलेंडर खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को 3000 रुपए देने होंगे। यह कीमत केवल एक बार देनी होगी। कनेक्शन वापस करने पर रकम रिफंडेबल है। जब आप कनेक्शन कैंसिल कराएंगे उस समय रकम वापस कर दी जाएगी। एक तरह से ये रकम सिलेंडर के बदले अमानत के तौर पर रखी जाएगी। इसके अलावा 250 रुपए रेगुलेटर के लिए चुकाने पड़ेंगे। 10 किलो के इस कंपोजिट सिलेंडर की रीफिल कीमत करीब 715 से 730 रुपए के बीच रहने की संभावना है।
इस नए सिलेंडर की बुकिंग मोबाइल ऐप के जरिए होगी। गैस कंपनी का दावा है कि बुकिंग के बाद करीब 4 घंटे के भीतर सिलेंडर घर तक पहुंचा दिया जाएगा। जिन लोगों के पास पहले से घरेलू सिलेंडर है वे भी इसे खरीद सकते हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड, नया फॉर्म और एक शपथ पत्र देना होगा।
15 अगस्त तक ई-केवाईसी अनिवार्य
छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त तक ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा न करने वाले एलपीजी उपभोक्ताओं की ऑनलाइन ऐप से बुकिंग और सब्सिडी रोक दी जाएगी। सामान्य और उज्ज्वला योजना दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए 15 अगस्त तक सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। पेट्रोलियम कंपनियों (BPCL, IOCL, HPCL) ने फर्जी व निष्क्रिय कनेक्शनों पर नकेल कसने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। 15 अगस्त के बाद बिना e-KYC वाले कनेक्शनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर कनेक्शन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। ऐप से प्रक्रिया पूरी न होने पर उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी में आधार कार्ड और गैस पासबुक ले जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) से भी e-KYC करवा सकते हैं।






