खाद की किल्लत के बीच कालाबाजारी, प्रशासन के संयुक्त दल ने मारा छापा, FIR दर्ज

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में खाद की उपलब्धता पर कलेक्टर्स नजर रख रहे हैं इस दौरान दमोह में खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है , आरोपी व्यापारी पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
fertilizer shop raid

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किसानों को दी जाने वाली खाद की उपलब्धता के दावों और हकीकत में कितना अंतर है इसका उदाहरण दमोह जिले में सामने आया है जहाँ किसान परेशान है लेकिन व्यापारी कालाबाजारी के लिए स्टॉक को जमा कर रहा है, प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 150 बोरी खाद जब्त की है और आरोपी पर एफआईआर दर्ज करवाई है।

एमपी के दमोह जिले में जहां खाद की किल्लत के बीच हजारों किसान परेशान हैं सड़कों पर आकर चक्का जाम करने  के लिए मजबूर है वें इसी जिले में यूरिया और खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। कृषि विभाग राजस्व और पुलिस की सयुंक्त टीम ने बीती रात एक छापेमार कार्यवाही में डेढ़ सौ बोरी खाद और यूरिया जब्त किया है जिसे सरकारी सप्लाई का बताया जा रहा है।

प्रशासन की टीम ने पकड़ा अवैध स्टॉक 

लगातार खाद और यूरीया की किल्लत से जूझ रहे किसानों की हालत देखते हुए कलेक्टर ने कालाबाजारियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए तो टीम ने बीती रात तेजगढ़ थाने के टोरी कस्बे में बनी एक गोदाम में छापा मारा और यहां से ये खाद और यूरिया बरामद किया गया है।

पुलिस ने दर्ज की FIR 

कृषि विभाग के उप संचालक जीएल अहिरवार के मुताबिक अवैध रूप से यहां स्टॉक बनाया हुआ था और जब्त हुआ खाद डीएपी और यूरिया  सरकारी सप्लाई का भी है। इससे साफ होता है कि किसानों के हक़ का खाद कालाबाजारी का शिकार हो रहा है और किसान दाने दाने को मोहताज है।  फिलहाल कृषि अधिकारी की शिकायत पर तेजगढ़ पुलिस ने इस अवैध स्टॉक को करने वाले आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है और जाँच की जा रही है।

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दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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