रसोई गैस की मूल्य वृद्धि के विरोध में जिला महिला कांग्रेस ने किया प्रधानमंत्री का पुतला दहन

रसोई गैस की मूल्य वृद्धि के विरोध में जिला महिला कांग्रेस ने किया प्रधानमंत्री का पुतला दहन

दतिया। सत्येन्द्र रावत

विगत 12 फरवरी को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा घरेलू रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। जिससे देश के प्रत्येक परिवार पर महंगाई का बोझ बड़ गया है। इसके विरोध में जिला दतिया महिला कांग्रेस द्वारा आज किला चौक मैदान पर रसोई गैस की महंगाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। विरोध जताया मूल्य वृद्धि वापस करने के लिए जिला दतिया महिला कांग्रेस द्वारा जिला दतिया कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इस में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष दतिया श्रीमति गुडडी जाटव के नेतृत्व में जिसमें जिला उपाध्यक्ष महिला कांग्रेस श्रीमती शांति कुशवाहा दतिया ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिभा परिहार श्रीमती रेखा अहिरवार संगठन मंत्री बेबी नामदेव उन्नाव ब्लाक अध्यक्ष सोहन ब्लॉक अध्यक्ष ममता राठौर राजकुमारी परिहार भांडेर ब्लॉक अध्यक्ष पूजा परिहार महामंत्री महिला कांग्रेस रचना खटीक इंदरगढ़ राधा परिहार इंदरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष गीता अहिरवार राजकुमारी अरबाज राम कुमारी राम श्री कुशवाह बरसा कुशवाह किरण वर्मा रामकली भारती अरबाज रेखा जोशी भारती परिहार प्रदेश सचिव मुरारी लाल गुप्ता अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष बृजलाल कैन रामदास उत्साह उपाध्यक्ष मुकेश यादव विष्णु गुर्जर युवा जिलाध्यक्ष एवं सभी महिला कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews