सो रही मासूम को तेंदुए ने बनाया अपना शिकार, ग्रामीणों में दहशत

सो रही मासूम को तेंदुए ने बनाया अपना शिकार, ग्रामीणों में दहशत

धार ।राजेश डाबी ।अमझेरा थाना अंतर्गत केशवी चौकी के पास ग्राम हाथीपावा में घर के बाहर सो रहे परिवार पर तेंदुए के हमले से एक 8 वर्षीय बालिका की मौत हो गई , पूरा घटनाक्रम पर केशवी चौकी के ग्राम हाथीपावा का है जहां घर के बाहर सो रहे परिवार के बीच 8 वर्षीय बालिका हजारी पिता मुकेश भील को तेंदुए ने गर्दन से उसे पकड़ लिया , इस दौरान बालिका की हरकत पर परिजन जाग जाए और चिल्लाने एवं तेंदुए को भगाने के प्रयास किए , जिसमें शोर-शराबे से तेंदुआ घायल बालिका को वहीं छोड़कर भाग गया

वहीं 8 वर्षीय बालिका की मौके पर ही मौत हो गई थी , जिसके बाद परिजनों ने अमझेरा पुलिस को सूचना दी , पुलिस की सूचना पर वन विभाग सहित पुलिस दल व क्षेत्रीय लोग भी मौके पर पहुंच गए थे , उक्त घटना के बाद वन विभाग अमला तेंदुए की धर पकड़ व जांच में जुट गया है , मृत बालिका का शव अमझेरा के शासकीय अस्पताल लाया गया जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया , ज्ञात रहे कि कुछ माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में एक अबोध बालक को भी तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था इसके बाद वन विभाग ने इंदौर के रेस्क्यू दल के माध्यम से उसे पकड़ कर इंदौर ले जाया गया था , वही आज फिर घटी इस घटना से लॉक डाउन के इस दौर में ग्रामीणों में भय फैल गया है

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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