इंदौर कमिश्नर और आईजी धार पहुंचे, कोरोना को लेकर व्यवस्थाओं का जायज़ा

इंदौर कमिश्नर और आईजी धार पहुंचे, कोरोना को लेकर व्यवस्थाओं का जायज़ा

धार/राजेश डाबी

इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी और पुलिस महानिरीक्षक विवेक शर्मा कोरोना महामारी संक्रमण संबंधी जानकारियां लेने धार पहुंचे। संभाग आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक सबसे पहले कलेक्टर एस. पी. के साथ कंटेन्मेंट एरिया मोहन टॉकीज, बस स्टैंड, गांधी कॉलोनी सहित महाजन अस्पताल और पाटीदार हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश भी दिए और फिर उसके बाद पंचायत में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से हालिया स्थिति का फीडबैक लिया।

इसके बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा की धार की रिकवरी रेट बहुत बढ़िया है एवं स्वास्थ्य विभाग भी बेहतर ढंग से काम कर रहा है। उन्होने उम्मीद जताई कि जल्द ही संक्रमित मरीज ठीक होंगे, साथ ही अपील भी की कि कहीं भी किसी को लक्षण नजर आने पर तुरंत प्रशासन से संपर्क करें। ये बीमारी छिपाने से और बढ़ेगी, धार को पुनः मुस्कुराना है तो सभी को लॉक डाउन के नियमों का सही तरीके से पालन करना होगा एवं प्रशासन के साथ सहयोग बनाना होगा तभी इस मुश्किल दौर से बाहर निकल पाएंगे। उन्होने पुलिस महानिदेशक विवेक शर्मा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए क्षेत्र की स्वास्थ सुविधाओं को भी बेहतर बताया एवं लोगों से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रहरियों के सम्मान एवं उनकी सहायता की बात कही। पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाते हुए बधाई दी एवं जवानों के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंता जाहिर की औव ड्यूटी पर जवानों को समय समय पर आराम करने की सलाह

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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