लोक नृत्य पर थिरकते बच्चों ने दिया कोरोना से बचाव का संदेश, लोगों को जागरूक करने की पहल

लोक नृत्य पर थिरकते बच्चों ने दिया कोरोना से बचाव का संदेश, लोगों को जागरूक करने की पहल

डिंडोरी/प्रकाश मिश्रा

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश भर में सामाजिक संस्थाओं एवं अनेक माध्यमों से जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। इन जागरूकता कार्यक्रमों को संपन्न बनाने के लिए देश की प्रतिभाओं सहित आम नागरिकों ने भी बढ़चढ़कर अपना योगदान दिया है। इसके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं, देखा गया है कि लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए स्वयं तो सजग हैं ही अन्य लोगों को भी इससे बचने की अपील कर रहे हैं ।

इसी क्रम में डिंडोरी जिले के नरिया माध्यमिक शाला की छात्राओ ने जिला मुख्यालय डिंडोरी के रानी अवंती बाई चौराहा पर पहुंचकर कोरोना वायरस के पर बनाए गए लोकगीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। स्थानीय भाषा में वाद्य यंत्रों के साथ छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पुलिस अधीक्षक ने किया मास्क और फलों का वितरण

छात्राओं का उत्साहवर्धन करने डिंडोरी पुलिस अधीक्षक एम एल सौलंकी के तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह भी अवंती बाई चौराहा पहुंचे जहाँ स्कूली छात्राओं के द्वारा किए गए प्रदर्शन की सराहना की। कार्यक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक सोलंकी ने सभी छात्राओं को फेस मास्क के साथ विटामिन सी की गोली और स्वल्पाहार के लिए फलों का वितरण किया। पुलिस अधिकारियों से सम्मान पाकर छात्राओं सहित शिक्षक भी प्रसन्न नजर आए । लोक गीत तथा नृत्य की प्रस्तुति में वाद्य यंत्रों के साथ सहयोग देने वाले कलाकारों को ए एस पी डिंडोरी ने मास्क व फल वितरित किए ।

जिले के कई स्थानों पर दे चुके हैं प्रस्तुति

नरिया माध्यमिक शाला की टीम के द्वारा जिले भर में कई स्थानों पर अपनी इस प्रस्तुति से कोरोना वायरस को लेकर जनमानस को जागरूक करने का प्रयास किया जा चुका है । बता दें कि इन दिनोंलॉक डाउन के कारण सभी स्कूलों की छुट्टियां चल रही हैं जिसका उपयोग करते हुए छात्राओं ने लोकगीत तैयार कर करोना संक्रमण से बचाने के लिए क्षेत्रीय भाषा में गीत बना कर ग्रामीण वाद्य यंत्रों की थाप पर अपनी प्रस्तुति दे रही हैं

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews