डिंडौरी जिला सहकारी समिति ने सीएम शिवराज को लिखा पत्र, मांगें न मानी जाने पर काम बंद करने की चेतावनी

डिंडौरी जिला सहकारी समिति ने सीएम शिवराज को लिखा पत्र, मांगें न मानी जाने पर काम बंद करने की चेतावनी

Dindori District Cooperative Society wrote a letter to CM Shivraj : मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ  डिंडौरी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होने महासंघ द्वारा पैक्स कर्मचारियों की मांगों के निराकरण की मांग की है। उन्होने लिखा है कि वो लोग अपनी मांगों के लेकर विभागीय मंत्री एवं संबंधित अधिकारियों को कई सालों से ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन अब तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली है। अब उन्होने मांगें नहीं मानी जाने पर काम बंद करने की चेतावनी दी है।

जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ डिंडौरी ने इस पत्र में कहा हा कि जबकि शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे ऋण वितरण वसूली, खाद बीज वितरण, उपार्जन, धान गेहूँ चना मसूर, किसान ब्याज माफी एवं पीडीएस खाद्यान्न वितरण आदि काम समिति सदस्यों द्वारा किए जाते हैं। इनकी मांग है कि पैक्स कर्मचारी सेवा नियम 2019 एवं मार्च 2021 में गठित शासकीय कमेटी अनुसार संस्था समिति कर्मचारियों को वेतन दिया जाए और उसमें से लाभ शब्द विलोपित कर उसे तत्काल लागू किया जाये। इन्होने ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले शासकीय कर्मचारियों के समान वेतन की मांग की है।

इसी के साथ इन्होने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंको में समिति सहायकों से 60 प्रतिशत पद पर हो रही भर्ती/पदोन्नति को शीघ्र पूरा करने की मांग भी की है। इनका कहना है कि कोरोना काल में भी इन्होने अपनी जान जोखिम में डालकर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण किया लेकिन इसके बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम एवं उपभोक्ता संरक्षण के संचालक द्वारा पत्र लिखकर कहा गया कि माह अप्रैल 2020 से नवम्बर 2020 तक खाद्यान्न का वितरण अनआटोमेटेड पंजी से किया गया है और भारत सरकार द्वारा अनआटोमेटेड वितरण को मान्य नहीं किये जाने से वितरित मात्रा को लागत दर अनुसार दुकानों से वसूली उनको देय कमीशन की राशि से किया जाना है, जो सरासर गलत है। इनका कहना है कि जिले की समस्त दुकानों से उपभोक्ताओं को पीएमजीकेवाय का खाद्यान्न वितरण कर दिया गया है और इसे लेकर उपभोक्ताओं के द्वारा किसी प्रकार की शिकायत भी नहीं की गई है। ऐसे में जब उपभोक्ताओं को खाद्यान्न का वितरण कर दिया गया है तो फिर वसूली करना सही नहीं है। इन्होने कहा है कि इनकी समस्याओं का तुरंत निवारण किया जाए और ऐसा न होने की स्थिति में इन्होने काम बंद करने की चेतावनी दी है।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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