नेशनल अवॉर्ड विनर को कितनी मिलती है धनराशि, करियर का अहम मोड़ होता है साबित

71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड आज विज्ञान भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विजेताओं को दिए जा रहे हैं। रिलीज फिल्मों के लिए ये सम्मान अलग-अलग कैटेगरी में धनराशि और पदक के साथ दिए जाते हैं।
71st National Film Award

71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड आज 23 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में बड़े धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद विजेताओं को सम्मानित करेंगी। यह अवॉर्ड साल 2023 में रिलीज हुई फिल्मों के लिए दिया जा रहा है और फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खास माना जाता है। नेशनल फिल्म अवॉर्ड सिर्फ किसी फिल्म या कलाकार को सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंडस्ट्री में मेहनत, क्रिएटिविटी और टैलेंट को सराहने का सबसे बड़ा मंच है। कलाकारों, डायरेक्टर्स और तकनीशियनों के लिए यह अवॉर्ड उनके करियर का अहम मोड़ साबित होता है।

इस साल अवॉर्ड्स की घोषणा पहले 1 अगस्त 2025 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई थी। जूरी में बॉलीवुड और सिनेमा के बड़े नाम जैसे मिथुन चक्रवर्ती, शंकर महादेवन और आशुतोष गोवारिकर शामिल रहे।

विज्ञान भवन में सम्मानित

आज विजेताओं को विज्ञान भवन में सम्मानित किया जाएगा। यह समारोह इंडस्ट्री के लिए खुशी और गर्व का दिन साबित होगा। अब बात करते हैं कि विजेताओं को इन अवॉर्ड्स के साथ कितनी धनराशि दी जाती है। अलग-अलग कैटेगरी के लिए राशि अलग है। बेस्ट फिल्म के लिए स्वर्ण कमल के साथ 3 लाख रुपये मिलते हैं। बेस्ट डायरेक्शन को भी 3 लाख रुपये और स्वर्ण कमल दिया जाता है। बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस इन लीड रोल के लिए रजत कमल और 2 लाख रुपये मिलते हैं। इसके अलावा, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर/एक्ट्रेस, बेस्ट सिंगर (मेल और फीमेल), बेस्ट सिनेमैटोग्राफी, बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन और बेस्ट कोरियोग्राफी के विजेताओं को भी रजत कमल के साथ 2 लाख रुपये मिलते हैं।

शानदार करियर का सम्मान

रीजनल फिल्मों के लिए भी खास कैटेगरी रखी गई है। असम, गुजराती, बंगाली, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, उड़िया, मराठी, तमिल और तेलुगु फिल्मों के लिए बेस्ट फिल्म के विजेताओं को रजत कमल और 2 लाख रुपये मिलते हैं। इस साल खास बात यह है कि मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के साथ उन्हें स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और 15 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। मोहनलाल के योगदान को इंडस्ट्री और दर्शक दोनों ही सम्मान देते हैं। यह अवॉर्ड उनके लंबे और शानदार करियर का सम्मान है।

टैलेंट को दिलाते हैं पहचान

विजेताओं को दिए जाने वाले ये अवॉर्ड्स उनकी मेहनत, कला और फिल्मी सफर का सबसे बड़ा सम्मान हैं। नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स इंडस्ट्री में टैलेंट को पहचान दिलाते हैं और नए कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। विज्ञान भवन में आज का समारोह इंडस्ट्री और दर्शकों के लिए भी खास होने वाला है। कलाकारों की मेहनत, फिल्मों की कहानी और इंडस्ट्री की मेहनत को सराहा जा रहा है।

विजेताओं के चेहरे पर खुशी, स्वर्ण और रजत कमल के साथ मिली धनराशि और दर्शकों की उम्मीदें इस दिन को और भी यादगार बना देती हैं। नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का महत्व सिर्फ सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की गुणवत्ता और प्रतिभा को उजागर करने का सबसे बड़ा मंच है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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