
बॉलीवुड की दुनिया बड़ी ही दिलचस्प है। यहां कहानियां बदलती रहती हैं, सितारे बदलते रहते हैं, लेकिन कई बार फिल्मों के टाइटल ऐसे होते हैं जो बार-बार पर्दे पर नजर आते हैं। फैंस के लिए यह किसी सरप्राइज से कम नहीं होता कि एक ही नाम से अलग-अलग दौर की फिल्में बनाई गईं और दोनों ही हिट साबित हुई हों। हिंदी सिनेमा में ऐसी कई मिसालें मौजूद हैं। जिनमें कभी “दिल”, कभी “दीवार” तो कभी “जुदाई” शामिल है। इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ी है, जो कि नाम से ज्यादा काम और कलाकार पर निर्भर करता है।
आज हम आपको ऐसी ही एक फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका नाम जुदाई है। यह नाम हिंदी सिनेमा में दो बार सुनने को मिला है। एक बार 1980 में जब स्क्रीन पर जितेंद्र और रेखा की जोड़ी उतरी और दूसरी बार 1997 में जब अनिल कपूर और श्रीदेवी ने दर्शकों के दिलों को जीत लिया।
1980 की जुदाई
साल 1980 का दौर बॉलीवुड के लिए बेहद खास था। उस समय जितेंद्र को जंपिंग जैक के नाम से पहचाना जाता था और उनकी हर फिल्म में उनका अलग ही अंदाज दिखता था। इसी दौर में फिल्म जुदाई आई थी, जिसे टी. रामा राव ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में जितेंद्र के साथ बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा रेखा नजर आईं। करीब 149 मिनट की इस फिल्म में ड्रामा, रोमांस और इमोशंस का जबरदस्त मेल था। रेखा और जितेंद्र की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बता दें कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई।
फिल्म में सचिन पिलगांवकर, अरुण गोविल, अरुणा ईरानी और आशा सचदेव जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं। कुल मिलाकर जुदाई ने उस समय हिंदी सिनेमा के दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दिया।
1997 की जुदाई
जैसे-जैसे समय बीता… दशक बदल गए और 1997 में फिर से जुदाई नाम की फिल्म आई। इस बार कहानी पूरी तरह अलग थी। इस फिल्म का निर्देशन राज कंवर ने किया था, जो कि मुख्य किरदारों में अनिल कपूर, श्रीदेवी और उर्मिला मातोंडकर थे। इसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर पति-पत्नी के रूप में नजर आए थे। श्रीदेवी ने काजल का रोल निभाया, जो लालच में आकर अपने ही पति राज (अनिल कपूर) को 2 करोड़ रुपये के लिए अमीर जान्हवी (उर्मिला मातोंडकर) को सौंप देती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब काजल को एहसास होता है कि उसने पैसों के लिए अपने परिवार और प्यार को खो दिया है। दूसरी ओर जान्हवी का नेक दिल स्वभाव राज को अपनी ओर खींचता है। बच्चों की दूरी और पति के प्यार से वंचित होने का दर्द काजल को भीतर तक तोड़ देता है।
बॉक्स ऑफिस में मचाया धमाल
जहां 1980 की जुदाई ने अपनी सरल व भावुक कहानी से दर्शकों को लुभाया। वहीं, 1997 की जुदाई ने बॉक्स ऑफिस पर गदर काट दिया। उस साल की बड़ी हिट फिल्मों में गिना गया। गानों से लेकर डायलॉग तक सब कुछ लोगों की जुबां पर चढ़ गया।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

