कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, विभाग ने जारी किया आदेश, 10 से 30 हजार रुपए तक मिलेगी राशि, यह होंगे नियम

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। लाखों 7th pay commission कमजोरियों के लिए बड़ी अपडेट है। दरअसल नई उच्च योग्यता प्राप्त कर्मचारियों को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के नियम और राशि में समय-समय पर बदलाव किया जाता है। जिसके लिए डीओपीटी द्वारा आदेश जारी किए जाते हैं। वहीं अब कुछ योग्यता प्राप्त कर्मचारियों को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के संबंध में नवीन आदेश जारी किए गए हैं। जिसके तहत ही कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

वही इन नियमों के तहत कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 10 से 30 हजार रुपए उनकी पद और योग्यता अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे। दरअसल कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने समय-समय पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा नई उच्च योग्यता प्राप्त करने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन प्रदान करने के प्रावधानों के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। मार्गदर्शन और बेहतर समझ के लिए इन निर्देशों का सार निम्नलिखित पैरा में संक्षेपित किया गया है।

सामान्य मानदंड/दिशानिर्देश

  • पद के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक या वांछनीय योग्यता के रूप में निर्धारित योग्यता के लिए प्रोत्साहन उपलब्ध नहीं होगा।
  • विशुद्ध रूप से अकादमिक या साहित्यिक विषयों पर उच्च योग्यता प्राप्त करने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा। योग्यता का अधिग्रहण सीधे उसके द्वारा धारित पद के कार्यों या अगले उच्च पद पर किए जाने वाले कार्यों से संबंधित होना चाहिए। पद के कार्यों और अर्जित योग्यता के बीच सीधा संबंध होना चाहिए और यह सरकारी कर्मचारी की दक्षता में योगदान करना चाहिए।
  • प्रोत्साहन की मात्रा सभी पदों के लिए एक समान होगी, चाहे उनका वर्गीकरण या ग्रेड या विभाग कुछ भी हो।
  • प्रोत्साहन स्वीकार्य नहीं होगा जहां सरकारी कर्मचारी सरकार द्वारा प्रायोजित है या वह योग्यता प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश प्राप्त करता है।
  • प्रोत्साहन केवल सेवा में शामिल होने के बाद प्राप्त उच्च योग्यता के लिए दिया जाएगा।
  • यदि शैक्षिक छूट में नियुक्ति की जाती है तो कोई प्रोत्साहन स्वीकार्य नहीं होगा यदि कर्मचारी बाद की तारीख में ऐसी नियुक्ति के लिए अपेक्षित योग्यता प्राप्त करता है तो कोई प्रोत्साहन स्वीकार्य नहीं होगा।
  • प्रोत्साहन की योग्यता योग्यता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, संबंधित नियामक निकायों जैसे एआईसीटीई, भारतीय चिकित्सा परिषद, केंद्र / राज्य सरकार द्वारा स्थापित या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त द्वारा मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।
  • प्रोत्साहन एक कर्मचारी के करियर में अधिकतम दो बार तक सीमित होगा, जिसमें क्रमिक अनुदानों के बीच न्यूनतम दो वर्ष का अंतर होगा।
  • सरकारी कर्मचारी को उच्च योग्यता प्राप्त करने की तारीख से छह महीने के भीतर दावा प्रस्तुत करना चाहिए।

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प्रोत्साहन के लिए दरें 01.07.2017 से स्वीकार्य

सरकारी कर्मचारी द्वारा नई उच्च योग्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में निम्नलिखित एकमुश्त दरें उन क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों के लिए होंगी जो कर्मचारी की नौकरी से सीधे संबंधित हैं:

  • पद- योग्यता राशि (रु.)
  • पीएच.डी. या उसके बराबर- 30,000/-
  • पीजी डिग्री / एक वर्ष से अधिक की अवधि का डिप्लोमा, या समकक्ष- 25,000/-
  • एक वर्ष या उससे कम की अवधि की पीजी डिग्री/डिप्लोमा, या समकक्ष-20,0001
  • तीन वर्ष से अधिक की अवधि की डिग्री/डिप्लोमा, या समकक्ष- 15,000/-
  • तीन साल या उससे कम की अवधि की डिग्री/डिप्लोमा, या समकक्ष- 10,000/-

प्रोत्साहन अनुदान के लिए प्रशासन द्वारा पाठ्यक्रमों का चयन

  • मंत्रालय/विभाग/संगठन की कार्यात्मक आवश्यकता से सीधे संबंधित व्यावसायिक पाठ्यक्रम, लेकिन ऊपर उल्लिखित श्रेणियों में से किसी एक द्वारा कवर नहीं किए गए, विशेष रूप से संबंधित मंत्रालय/विभाग द्वारा उनके संबंधित आईएफडी के परामर्श से अधिसूचित किए जाएंगे।
  • मंत्रालय/विभाग अपने पर पाठ्यक्रम चुनने के लिए स्वतंत्र हैं हालांकि, उपरोक्त योग्यताओं के संबंध में प्रोत्साहन का अनुदान ऊपर बिंदु I में निर्धारित मानदंडों की पूर्ति के अधीन होगा।

प्रोत्साहन प्रदान करने की प्रक्रिया

  • ऊपर सूचीबद्ध योग्यताओं के लिए प्रोत्साहन अनुदान पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपने आईएफडी के परामर्श से विचार किया जाएगा और यह सुनिश्चित करने के बाद आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे कि उपरोक्त बिंदु I में निर्धारित मानदंड पूरे हो गए हैं।
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