
demo pic
Government Employees : जम्मू कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। इसके तहत कोई भी कर्मचारी किसी भी पोस्ट, ट्वीट या अन्य माध्यम से सोशल मीडिया पर सरकार द्वारा अपनाई गई किसी नीति या की गई कारर्वाई पर चर्चा या आलोचना नहीं करेगा, न ही वह किसी भी तरीके से ऐसी किसी चर्चा में सोशल मीडिया पेज समुदायों/माइक्रो-ब्लॉग पर भाग लेगा/लेगी।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने कर्मचारियों को निर्देशों का पालन न करने पर ‘अनुशासनात्मक कार्रवाई’ की चेतावनी दी है।सर्कुलर में कहा गया है कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी सामग्री को पोस्ट, ट्वीट या साझा नहीं करेगा, जो प्रकृति में राजनीतिक या सांप्रदायिक है। सोशल मीडिया पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी कोई जानकारी पोस्ट न करें जो गोपनीय मानी जाती है या जो सार्वजनिक प्रसार के लिए नहीं है। सभी प्रशासनिक सचिवों, उपायुक्तों, विभागों के प्रमुखों, प्रबंध निदेशकों को संबंधित अनुशासनात्मक ढांचे के संदर्भ में दिशानिर्देशों और नियमों का उल्लंघन करने वाले, अपने विभागों और कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ “तत्काल” कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
गाइडलाइन के मुख्य बिन्दु
- नए दिशानिर्देशों के अनुसार कर्मचारी सोशल मीडिया पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी कोई जानकारी पोस्ट न करें जो गोपनीय मानी जाती है या जो सार्वजनिक प्रसार के लिए नहीं है।
- सरकारी कर्मचारियों को राजनीतिक या धर्मनिरपेक्ष और सांप्रदायिक प्रकृति की किसी भी सामग्री को पोस्ट करने, ट्वीट करने या साझा करने से भी प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्हें अपने कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों को सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने के लिए भी कहा गया है।
- कोई भी सरकारी कर्मचारी स्वयं या अपने भरण-पोषण के लिए उस पर निर्भर किसी व्यक्ति के माध्यम से, या उसकी देखरेख या नियंत्रण में, सोशल मीडिया पर ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेगा, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विध्वंसकारी हो।
- एक सरकारी कर्मचारी गलतफहमियों को दूर करने, गलत बयानों को सही करने और देशद्रोही और देशद्रोही प्रचार का खंडन करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट और ट्वीट्स में सरकार की नीति का बचाव और व्याख्या कर सकता है।
- सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर सहकर्मियों या व्यक्तियों के बारे में ऐसी कोई सामग्री या टिप्पणी पोस्ट नहीं करेंगे, जो अश्लील, धमकी देने वाली, डराने वाली या आचरण नियमों का उल्लंघन करती हो।
- कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों को सोशल मीडिया पर वीडियो, पोस्ट, ट्वीट या ब्लॉग या किसी अन्य रूप में पोस्ट नहीं करेगा, लेकिन विभागों में मौजूद शिकायत निवारण के पहले से स्थापित चैनलों का पालन करेगा।
- विभिन्न सरकारी विभागों/सार्वजनिक,उपक्रमों/निगमों/बोर्डों/स्वायत्त निकायों आदि में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को दिशानिर्देशों और कानूनी सिद्धांतों का सख्ती से पालन करना है। अनुचित बहस/चर्चा में शामिल होने और अनुचित पोस्ट साझा करने/टिप्पणी करने/पोस्ट करने से बचने के लिए कहा गया है।
- इन दिशानिर्देशों/नियमों का उल्लंघन कदाचार के समान होगा और संबंधित नियमों के तहत दोषी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

