मध्य प्रदेश वेदर अपडेट : 48 घंटे बाद फिर बदलेगा मौसम, 2 दिन और छाए रहेंगे बादल, बूंदाबांदी के भी आसार

इस साल अक्टूबर में औसत से 121% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में औसत 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य मात्रा 1.3 इंच होती है।
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MP Weather Forecast : साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर बुधवार गुरूवार को भी मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज यूही बना रहेगा।खास करके जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल और शहडोल संभागों में कहीं कहीं में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 7-8 नवंबर से हवाओं का रूख बदलने से तापमान में गिरावट आने लगेगी और ठंड अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी और 15 नवंबर के बाद ठंड का असर और तेज हो जाएगा।

2 दिन इन जिलों में छाए रहेंगे बादल, हल्की बारिश

  • बुधवार को जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल संभागों के नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रायसेन, जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मौसम साफ व तेज धूप निकल सकती है।
  • 6 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है।

मध्य प्रदेश मौसम विभाग का पूर्वानुमान

एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, उत्तरी हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। एक पश्चिमी विक्षोभ, एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में उत्तरी पाकिस्तान और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है एवं इसके साथ एक ट्रफ़ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर 30°N अक्षांश के उत्तर में और 68°E देशांतर के साथ विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर गुरुवार से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है, जिसके चलते दो दिन में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

मंगलवार को कहां कैसा रहा मौसम

  • राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
  • पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 24.6 डिग्री तक पहुंच गया।
  • दिन का सबसे अधिक 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया।
  • रात का सबसे कम 12.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रीवा में रिकार्ड किया गया
  • शिवपुरी में दो, ग्वालियर में एक मिलीमीटर वर्षा हुई।
  • शिवपुरी, ग्वालियर, इंदौर, बैतूल, धार, सिवनी और सीधी सहित कई शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा।

Madhya Pradesh: 1 जून से अब तक कहां कितनी हुई वर्षा

  • इस साल अक्टूबर में औसत से 121% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में औसत 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य मात्रा 1.3 इंच होती है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
    भोपाल और ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
  • गुना में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
  • इंदौर संभाग में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन में कोटा पूरा नहीं हो पाया । सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र संभाग में औसत से ज्यादा बारिश हुई।
  • ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

MP Weather Forecast Till 8 November

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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