School Holiday : फिर बढ़ाई गई छुट्टियां, इतने दिन और बंद रहेंगे स्कूल, आदेश जारी

भारी बारिश और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए देश के अलग अलग राज्यों में सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों स्कूलों में 2 से 3 दिन अवकाश घोषित कर दिया गया है।हालांकि शिक्षकों को स्कूल आना पड़ेगा।
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छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते मध्य प्रदेश और राजस्थान के करीब 2 दर्जन से ज्यादा सरकारी , निजी और आंगनबाड़ी केंद्रों स्कूलों में 30-31 जुलाई को अवकाश का ऐलान किया गया है।इसके अलावा कई स्कूलों में 2 अगस्त तक छुट्टी घोषित की गई है। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के चलते राज्य में 30-31 जुलाई को अवकाश रखा गया है।आईए जानते है किस राज्य के किस जिले में कितने दिन स्कूल बंद रहेंगे और कब खुलेंगे……….

राजस्थान में 31 जुलाई तक अवकाश घोषित

  • राजस्थान के अलवर, धौलपुर, भीलवाड़ा , जयपुर, जैसलमेर और खैरथल में30 जुलाई को सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक एवं आंगनबाड़ी केंद्रों स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
  • अजमेर, जैसलमेर, बूंदी, बहरोड ,बांसवाड़ा, उदयपुर, सवाई माधोपुर,डुंगरपुर में 30 व 31 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है।कोटा में 30-31 जुलाई और 1 अगस्त को सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
  • बारां व झालावाड़ में 2 अगस्त तक कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। 3 अगस्त को रविवार है, ऐसे में अब 4 अगस्त को स्कूल खुलेंगे। राजसमंद के कुंभलगढ़ ब्लॉक के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में31 जुलाई तक अवकाश घोषित किया गया है।

मध्य प्रदेश के इन जिलों के स्कूलों में बुधवार को छुट्टी

  • भोपाल में अत्यधिक वर्षा को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु 30 जुलाई 2025 को कक्षा नर्सरी से 12वीं तक समस्त शासकीय एवं अशासकीय (CBSE, ICSE सहित) विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
  • सीहोर, हरदा, विदिशा, गुना और अशोकनगर जिले में लगातार हो रही वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने सभी प्ले स्कूल,आंगनवाड़ी , शासकीय,अशासकीय, सीबीएसई विद्यालयों में 30 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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