
ग्वालियर, अतुल सक्सेना। बरसों पहले भले ही रियासतों का सरकार में विलय हो गया था लेकिन ग्वालियर (Gwalior) में आज भी रियासतकालीन परंपरा निभाई जाती है। सिंधिया राजवंश प्रमुख आज भी दशहरे पर शमी के पेड़ का पूजन करते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने दशहरे ( Dussehra 2021) पर शुक्रवार को ग्वालियर में शमी के पेड़ का पूजन किया। जैसे ही सिंधिया ने तलवार से शमी के पेड़ को छुआ जनता सोना (शमी के पेड़ की पपत्ती) लूटने दौड़ गए।
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ग्वालियर में मांडरे की माता मंदिर के नीचे स्थित दशहरा मैदान पर हर साल की तरह इस बार भी शमी के पेड़ का पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिंधिया राजवंश प्रमुख महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुत्र महाआर्यमन सिंधिया के साथ शमी के पेड़ का पूजन किया।

कार्यक्रम में सिंधिया और उनके पुत्र पारंपरिक राजसी पोशाक पहने थे। सिंधिया के दशहरा मैदान पहुँचते ही उनकी रियासत के सरदारों और उनके वंशजों ने उनका कोर्निश कर स्वागत किया। राजवंश के पुरोहितों के मंत्रोच्चार के साथ महाराज सिंधिया ने जैसे ही शमी के पेड़ को तलवार से छुआ मैदान में मौजूद जनता सोना (शमी के पेड़ की पत्ती) लूटने दौड़ पड़े। सिंधिया ने शहर के लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं दी।
