हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों सहित कुल 51 नगरीय निकायों के लिए कल यानी रविवार को मतदान होगा। वहीं इन चुनावों में 3 लाख 80 हजार मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जो 1147 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
दरअसल मतदान प्रक्रिया के लिए लगभग 550 पोलिंग पार्टियां आज शनिवार को ईवीएम के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। सभी पोलिंग पार्टियों को शाम तक पोलिंग बूथ मतदान के लिए तैयार करने होंगे, ताकि रविवार सुबह सात बजे वोटिंग समय पर शुरू की जा सके।
कुल 449 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया
नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए मतगणना मतदान खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हो जाएगी। हालांकि, चार नगर निगमों सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला के परिणाम के लिए 31 मई तक इंतजार करना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल 449 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। इनमें से 10 पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब शेष 439 पदों के लिए 1147 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला राज्य के 3 लाख 80 हजार मतदाता करेंगे।
पार्षदों के पदों का विवरण देखिए
विभिन्न जिलों में पार्षदों के पदों का विवरण इस प्रकार है: बिलासपुर में कुल 34 पार्षद पदों के लिए चुनाव होगा, चंबा में 27, हमीरपुर में 16, कांगड़ा में सबसे अधिक 80, कुल्लू में 39, मंडी में 65, शिमला में 58, सोलन में 49, सिरमौर में 33 और ऊना जिले के निकायों में 48 पार्षद चुने जाएंगे। इनमें चार नगर निगम में 64 पार्षद, नगर परिषद में 229 पार्षद और नगर पंचायतों में 156 पार्षद शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, नगर पंचायत करसोग के वार्ड नंबर 1 और 3, नगर परिषद ज्वालामुखी के वार्ड नंबर 2, नगर पंचायत बंजार के वार्ड नंबर 6, नगर पंचायत रिवाल्सर के वार्ड नंबर 1, नगर पंचायत नेरवा के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 तथा नगर पंचायत चिड़गांव के वार्ड नंबर 2 में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
लगभग 3600 कर्मचारी ड्यूटी देंगे
इन नगरीय निकाय चुनावों में लगभग 3600 कर्मचारी ड्यूटी देंगे। प्रत्येक पोलिंग पार्टी में एक पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी और दो से तीन सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए चार नगर निगमों के चुनाव महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि ये चुनाव पार्टी चिन्ह पर होते हैं। इसी कारण दिसंबर 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इन निगम चुनावों के नतीजों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसी महत्व के चलते कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकी है।
कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित सभी मंत्रियों को चुनाव प्रचार में उतारा गया। इसी तरह, भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पार्टी प्रभारी श्रीकांत शर्मा और सांसद अनुराग ठाकुर ने भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए व्यापक प्रचार किया है।






