हिमाचल प्रदेश के युवा कैबिनेट मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह सोमवार को शादी के बंधन में बंध गए। उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित गुरुद्वारे में डॉक्टर अमरीन कौर के साथ सिख रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। इस मौके पर परिवार के करीबी रिश्तेदार और अमरीन कौर का परिवार मौजूद रहा। शादी की रस्में पूरी होने के बाद विक्रमादित्य अपनी दुल्हन के साथ होटल ललित पहुंचे और शाम को दोनों शिमला के लिए रवाना हो जाएंगे।
शादी की शुरुआत चंडीगढ़ के होटल ललित से हुई, जहां से विक्रमादित्य सिंह की बारात निकली। बारात सेक्टर-2 के गुरुद्वारे पहुंची, जहां पर पूरे पारंपरिक ढंग से आनंद कारज की रस्में अदा की गईं। इस दौरान विक्रमादित्य सिंह हाथ में तलवार और सिर पर साफा (पगड़ी) बांधे नजर आए। उन्होंने राजसी अंदाज में गुलाबी रंग की पोशाक पहनी थी। गुरुद्वारे में उनकी मां और हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और बहनें भी मौजूद थीं। इसके बाद उन्होंने अमरीन कौर के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी कीं।
विक्रमादित्य सिंह शादी के बंधन में बंधे
शादी के बाद विक्रमादित्य सिंह ने गुरुद्वारे के बाहर मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता ने हमेशा उन्हें आशीर्वाद और प्यार दिया है और यह उनके लिए गर्व का विषय है। बातचीत के दौरान उनकी दुल्हन अमरीन कौर भी उनके साथ खड़ी नजर आईं। शादी समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में भी काफी उत्साह देखा गया।
इससे पहले रविवार शाम को विक्रमादित्य सिंह और अमरीन कौर की सगाई चंडीगढ़ के होटल ललित में हुई थी। इस कार्यक्रम में प्रतिभा सिंह, बहनें और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, 24 सितंबर को शिमला के होटल मरीना में इस विवाह का भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होंगी।





