पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अवैध जमीन पर बना ढाबा किया ध्वस्त

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अवैध जमीन पर बना ढाबा किया ध्वस्त

इटारसी, राहुल अग्रवाल| प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) द्वारा भू माफियाओं के खिलाफ चलाई जा रहा मुहिम का असर इटारसी (Itarsi) में भी देखने को मिला | जहाँ इटारसी पथरौटा नहर के पास स्थित छत्रपाल ढाबे को जमीदोज कर दिया गया| कार्यवाही के दौरान भारी पुलिस बल (Police Force) तैनात था।

आज सुबह से ही इटारसी पुलिस थाने में काफी चहल पहल देखने को मिली| तैयारी थी भू माफियाओं पर पंजा चलाने की, यह पंजा चार दिनों तक लगातार चलेगा जहाँ अवैध भूमि पर अतिक्रमण कर ढाबे भवन दुकान मकान जिसने भी बना रखे है उन्हें मोके पर ही तोड़ा जाएगा | आज प्रशासन और पुलिस की पूरी टीम पथरौटा नहर के बाजू में स्थित छत्रपाल पहलवान ढाबा पहुँची, जहाँ आधे घंटे का समय दिया गया कि वो समान खाली कर ले|

आधे घंटे बाद जेसीबी के पंजे ने अपना काम चालू किया ओर दो घंटे में पूरा ढाबा जमीदोज कर दिया गया। ऐसी ही कार्यवाही लगातार जारी रहेगी| अनुविभागीय दंडाधिकारी मदन सिंह रघुवंशी नर बताया कि लंबे समय से शहर में अतिक्रमण मुहिम चल रही है। अब शहर के बाहरी हिस्सो पर जहाँ सरकारी भूमि और अवैध कब्जा कर अपने प्रतिष्ठान बना लिए है उनको तोड़े जाने की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। शासकीय कार्य मे बाधा डालने वाले पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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