नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का काम तेज, 5 हजार पेड़ काटने की मिली अनुमति

नर्मदापुरम से टिमरनी तक स्टेट हाईवे-15 को चौड़ा कर 10 मीटर की टू-लेन सड़क बनाई जाएगी। 972 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत करीब 5 हजार पेड़ काटे जाएंगे और पर्यावरण संतुलन के लिए 25 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे।
नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से टिमरनी तक जाने वाली खराब और जर्जर सड़क को अब पूरी तरह से संवारने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

दरअसल स्टेट हाईवे-15 के करीब 72 किलोमीटर लंबे हिस्से को चौड़ा करके 10 मीटर की शानदार टू-लेन सड़क बनाई जाएगी, जिस पर कुल 972 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च आएगा।

साढ़े पांच मीटर से बढ़कर होगी दस मीटर चौड़ाई

इस हाइवे के बन जाने के बाद इस रास्ते पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को गड्ढों और संकरे रास्तों से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। अभी इस रास्ते पर सड़क की चौड़ाई महज 5.5 मीटर है, जिसे बढ़ाकर अब 10 मीटर किया जा रहा है।

इस पूरी परियोजना के तहत रास्ते में 2 नए अंडरपास, 4 बड़े पुल और कई अन्य जरूरी निर्माण कार्य किए जाएंगे, ताकि लोगों को सफर करने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।

डोलरिया और बघवाड़ा में बनेंगे बायपास

सड़क निर्माण के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि आने वाले समय में आम लोगों को जाम जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। योजना के मुताबिक डोलरिया और बघवाड़ा इलाकों में खास बायपास बनाए जाएंगे। इसकी वजह से भारी और दूसरे वाहन गांवों के बीच से गुजरने की बजाय बाहर के बाहर ही निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों दोनों का समय बचेगा।

17 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी के पास

इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नियमों और समयसीमा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि काम उच्च गुणवत्ता के साथ हो सके। यह पूरा काम मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की योजना के तहत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर किया जा रहा है। गुड़गांव की एक निजी कंपनी को इसका ठेका मिला है और उसने काम शुरू करने के लिए कहारिया में अपना प्लांट भी स्थापित कर दिया है।

सड़क चौड़ी करने के लिए काटे जा रहे करीब 5 हजार पेड़

इस बड़े विकास कार्य को जमीन पर उतारने के लिए प्रकृति को भी एक बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके तहत पेड़ों की कटाई हो रही है। सड़क के दोनों तरफ खड़े करीब 5 हजार हरे-भरे पेड़ों को हटाने की अनुमति मिल चुकी है, जिसमें से लगभग 4966 पेड़ काटे जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन काटे गए पेड़ों से निकलने वाली लकड़ी को ताकू सिवनी मालवा और टिमरनी के सरकारी डिपो में सुरक्षित भेजा जा रहा है।

पर्यावरण संतुलन के लिए लगाए जाएंगे 25 हजार नए पौधे

पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन और निर्माण कंपनी ने मिलकर एक खास योजना बनाई है। परियोजना के नियमों के तहत जितने पेड़ काटे जा रहे हैं, उससे पांच गुना यानी कुल 25 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ हरियाली को बचाने और बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जाएगा ताकि पर्यावरण पर बुरा असर न पड़े।

Bhawna Choubey
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