
Indian Congress Party supporters wave party flags as unseen party candidate for the Kolkata North seat for the lower house of parliament in the country’s general election Somen Mitra files his nomination papers in Kolkata on April 21, 2014. Indians have begun voting in the world’s biggest election which is set to sweep the Hindu […]
इंदौर।
मध्यप्रदेश में मालवांचल में आठ सीटों पर 19 मई को मतदान होगा। इन्हीं 8 सीटों में सबसे ज्यादा उम्मीद कांग्रेस को इंदौर सीट से लगी हुई है, तो वही भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इंदौर लोकसभा सीट को बीजेपी खोना नहीं चाहती। इसलिए भाजपा भी चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का दांव लगा रही है। इस लोकसभा सीट से 8 बार से लगातार जीतने वाली लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन इस बार मैदान में नहीं है। बीजेपी ने शंकर लालवानी को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसलिए कांग्रेस को इस बार यहां उम्मीद की किरण दिख रही है|
इंदौर के लोग शंकर लालवानी को सुमित्रा महाजन की जगह काफी कमजोर चेहरा बता रहे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस भी लालवानी को कमजोर उम्मीदवार मान रही है। साथ ही इस बार अपनी जीत सुनिश्चित मान रही है। हालाँकि इंदौर की 23 लाख 49 हजार 476 मतदाता अब दोनों प्रत्याशी के भविष्य को 19 मई को तय करने वाले हैं। इंदौर बीजेपी का मजबूत किला है, यहाँ कांग्रेस को लम्बे समय से जीत नहीं मिली है|
आपको बता दें कि बीते दिनों इंदौर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यहाँ रोड शो किया जिसके बाद इंदौर में कांग्रेस के लिए माहौल देखने को मिल रहा है। प्रियंका गांधी के रोड शो के बाद अब प्रचार के लिए 16 मई को मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह इंदौर पहुंचकर प्रचार करेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ सांवेर में जनसभा को संबोधित कर सभी वर्गों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करेंगे। वहीं दिग्विजय सिंह भी बचे हुए तीन दिनों में कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत इंदौर सीट को जीतने में लगाएंगे। वहीं बीजेपी भी पूरी ताकत लगा रही है, यही कारण है कि भोपाल की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में बड़ी सभा की| जिसमे उन्होंने इंदौर की बात कर जनता के दिल जीतने की कोशिश की है, हालाँकि अपने भाषण में मोदी ने लालवानी का नाम नहीं लिया, यह भी सुर्ख़ियों में रहा| अब देखना होगा इंदौर की जनता बदलाव लाएगी या फिर से कमल खिलाएगी |

