महात्मा गांधी का नाम हटाने से भड़की कांग्रेस, मंजीरें, शंख बजाकर किया प्रदर्शन, BJP पर साधा निशाना

गांधी एक नाम नहीं है एक विचारधारा है जिसे भारत ही नहीं पूरी दुनिया मानती है लेकिन भारतीय जनता पार्टी गोडसे की विचारधारा को मानती है इसलिये गांधी का विरोध करती है।
Indore Congress protest

Indore Congress protest

केंद्र कि मोदी सरकार ने  महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) की जगह “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 (VB-G RAM G) को लागू किया है, योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने से कांग्रेस आक्रोशित है और प्रदर्शन कर रही है।

विरोध के क्रम में आज रीगल तिराहे पर शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी  इंदौर के संयुक्त तत्वाधान में झांझ मंजीरे बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया , कांग्रेस योजना से गांधी का नाम हटाने और संचालन के तरीके में परिवर्तन किये जाने से आक्रोशित है और भाजपा सरकार क विरोध कर रही है।

कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गांधी एक नाम नहीं है एक विचारधारा है जिसे भारत ही  नहीं पूरी दुनिया मानती है लेकिन भारतीय जनता पार्टी गोडसे की विचारधारा को मानती है उन्होने कहा योजना जो नाम था वही किया जाये यदि नाम में परिवर्तन नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

भाजपा आखिर कौन सी विचाधारा की समर्थक है स्पष्ट करे

जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस की सरकार ने 2006 में शुरू की थी योजना के मूल उद्देश गरीबों को रोजगार मिले और इसका वहन केंद्र सरकार करती थी, वानखेड़े ने सवाल भी किया कि आखिर गांधी जी से क्या आपत्ति है जहां भी गांधी का नाम आता है उनके नेता विरोध करते हैं,  भाजपा आखिर कौन सी विचाधारा की समर्थक है स्पष्ट करे,  हम लोग लोकतंत्र में विश्वास करते है लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी।

भावांतर योजना के नाम पर किसानों को ठगने का आरोप 

भावांतर योजना के सवाल पर अपने जवाब में विपिन वानखेड़े ने कहा कि किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है चाहे खाद की बात हो बिजली की बात हो चाहे मुआवजे की बात हो भावांतर योजना के नाम पर किसानों को सिर्फ गुमराह कर ठगने का प्रयास किया जा रहा है आने वाले समय में किसान भाई इसका जवाब देंगे।

शकील अंसारी की रिपोर्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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