भोपाल में कोरोना विस्फोट, इंदौर में सुधार, प्रदेश में 174 नए पॉजिटिव केस मिले

भोपाल में कोरोना विस्फोट, इंदौर में सुधार, प्रदेश में 174 नए पॉजिटिव केस मिले

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) के रिकवरी रेट में तेजी से हो रहे सुधार के बीच राजधानी भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हुआ है| भोपाल में गुरूवार को एक साथ 58 नए मामले सामने आये हैं| जबकि इंदौर (Indore) की हालत में सुधार हो रहा है। आज मात्र 36 पॉजिटिव मिले। प्रदेश में 174 नए पॉजिटिव केस मिले हैं| जबकि छह लोगों की मौत कोरोना से हुई है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में अब तक कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 8762 हो गई है। इनमें से 5637 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं| वहीं एक्टिव केसों की संख्या अब 2748 हो गई है| अब तक कुल 377 मरीज जान गवा चुके हैं।

प्रदेश में 174 नए पॉजिटिव
पिछले 24 घंटे में कुल 5347 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 39 रिजेक्ट हो गए। वहीं 5173 नेगेटिव लेकिन 174 पॉजिटिव निकले। भोपाल में 58 पॉजिटिव मिले, एक मरीज की मृत्यु हो गई। अस्पतालों से 34 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। वहीं इंदौर में 36 पॉजिटिव मिले। वहीं 4 मरीजों की मृत्यु हो गई। बुरहानपुर में 11, नीमच में 10 और सागर में 10 पॉजिटिव मामलों के साथ स्थिति गंभीर हो रही है।

भोपाल में एक साथ 58 नए केस
राजधानी भोपाल स्थिति चिंताजनक हो गई है| जहां गुरुवार को 58 नए केस सामने आए। इसमें 10 केस कोटरा सुल्तानाबाद से, 10 हॉटस्पॉट ऐशबाग, बुधवारा, बरखेड़ी और बैरागढ़ मच्छी मार्केट के शामिल हैं । अब भोपाल में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1630 हो गई है। वहीं, 61 की मौत हो चुकी है। गुरुवार को राजधानी के कोविड केयर अस्पताल से 34 लोग स्वस्थ होकर अपने घर रवाना हो गए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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