3 साल की बच्ची की मौत की वजह सेनिटाइजर , आप भी हो जाइये सावधान 

3 साल की बच्ची की मौत की वजह सेनिटाइजर , आप भी हो जाइये सावधान 

इंदौर, आकाश धौलपुरे।  तीन  दिन पहले इंदौर (Indore) के रावजी बाजार थाना क्षेत्र के शनि मंदिर (Shani Mandir)  गली में एक ही परिवार के चार लोग आग की चपेट में आकर झुलस गए थे जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि  परिवार के आग में झुलसने के वजह सेनिटाइजर  (Sanitizer) थी और आज इलाज के दौरान 3 वर्षीय मासूम की मौत हो गई।

दरअसल, घटना इंदौर के प्राचीनतम शनि मंदिर की गली में स्थित एक घर की है जहां आग लगने के कारण 1 दंपत्ति और दो बच्चे जल गए थे। घटना के चश्मदीद पति राजू वर्मा ने अपने बयान में बताया था कि उसकी पत्नि मीना वर्मा खाना पका रही थी उसी दौरान वह तवे से रोटी उठाने लगा तभी आग लग गई। बता दे कि पति के हाथों में सेनिटाइजर लगा था जिसके चलते हाथ में आग लगी और पास में रखी सेनिटाइजर  बड़ी बोतल हड़बड़ाहट में गिर गई। फिर क्या था घर में मौजूद दंपति सहित दो बच्चे आग की चपेट में आ गए और उनमें से एक 3 वर्ष की मासूम  लगभग पूरी तरह से जल गई थी। रावजी बाजार पुलिस के एएसआई  बृजेश शर्मा ने बताया कि आग लगने के बाद झुलसे लोगो को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया जहां से सभी को एम.वाय. अस्पताल रैफर किया जहां 3 साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस रावजी बाजार ने मामले की जांच शुरू कर दी है वही इस घटना के सामने आने के बाद आप लोगो को भी सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि कोरोना से बचने के लिये सेनिटाइजर  जरूरी है लेकिन उसके इस्तेमाल के दौरान आपको आग से दूरी बनाए रखना भी निहायत ही जरूरी है। लिहाजा, सेनिटाइजर  का इस्तेमाल करे लेकिन आग से खुद को दूर रखें क्योंकि इंदौर में एक बच्ची की मौत और पूरे परिवार के झुलसने का कारण सेनिटाइजर  ही सामने आया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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