पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा को झटका, इंदौर का बंगला हुआ कुर्क

पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा को झटका, इंदौर का बंगला हुआ कुर्क

इंदौर| पूर्व मंत्री और वर्तमान में भोजपुर सीट से विधायक सुरेंद्र पटवा को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है| बैंक का लोन न चुकाने पर उनके इंदौर के बंगले की कुर्की की कार्रवाई की गई है| कार्रवाई के लिए वित्त और राजस्व विभाग के अफसरों की टीम आज उनके बंगले पहुंची । पटवा लगातार चेक बाउंस और बैंक लोन मामले को लेकर सुर्ख़ियों में रहे हैं| पिछले दिनों भोपाल की एक विशेष अदालत ने चेक बाउंस के दो मामलों में पटवा को 6 महीने की जेल और 30 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालांकि, पटवा को जमानत मिल गई थी।

गुलमोहर कॉलोनी स्थित बंगले की कुर्की की कार्रवाई के लिए बैंक द्वारा पहले ही नोटिस देने और संपत्ति कुर्क करने विज्ञापन प्रकाशित कराए जा चुके हैं। इस मामले में 3 माह पहले पटवा द्वारा राशि जमा करने को लेकर कवायद शुरू की गई थी| इस बीच आज बैंक अधिकारियों के साथ अफसरों की टीम ने मौके पर जाकर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी| बताया जा रहा है बैंक ऑफ बड़ौदा का 33.54 करोड़ रुपए बकाया था, जिसमें डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की कार्रवाई पर यह बंगला कुर्क किया गया।

उल्‍लेखनीय है कर्ज के मामले में पटवा को पहले ही डिफाल्‍टर घोषित कर दिया गया है। इसके बाद गुलमोहर कॉलोनी बंगले पर कुर्की की कार्रवाई की गई। डीएम कोर्ट ने इस को अंजाम दिया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews