इंदौर: औद्योगिक विकास निगम में फर्जी एनओसी का खेल, पुलिस ने इंजीनियर को भोपाल से किया गिरफ्तार, जांच जारी

इंदौर के औद्योगिक विकास निगम में पदस्थ एक यंत्री ने पीथमपुर की गैस कंपनी को फर्जी एनओसी जारी कर लाखों का चूना लगाया। पुलिस ने आरोपी को भोपाल से दबोच लिया है।
Indore

इंदौर में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है जहां औद्योगिक विकास निगम के एक यंत्री ने नियमों को ताक पर रखकर एक गैस कंपनी को फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया। शिकायत मिलने के बाद भंवरकुआं थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी इंजीनियर को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला औद्योगिक विकास निगम के आईटी पार्क में पदस्थ यंत्री मार्तंड सिरोलिया से जुड़ा है। मार्तंड सिरोलिया पर आरोप है कि उसने पीथमपुर स्थित अवंतिका गैस नामक एक कंपनी के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ही फर्जी एनओसी जारी कर दी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की आंतरिक जांच की जा रही थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अवंतिका गैस को जारी किया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र नियम-कायदों को दरकिनार कर तैयार किया गया था।

बिना अनुमति और मुहर के जारी कर दिया फर्जी एनओसी

निगम की आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी यंत्री मार्तंड सिरोलिया ने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लिए बिना और किसी भी आधिकारिक मुहर का उपयोग किए बिना ही अपने स्तर पर यह महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी कर दिया था। यह एक गंभीर अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला था, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से भंवरकुआं थाना पुलिस को इसकी शिकायत की गई।

भोपाल से गिरफ्तार हुआ फर्जी एनओसी कांड का आरोपी

शिकायत मिलते ही भंवरकुआं थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आरोपी यंत्री मार्तंड सिरोलिया को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना था। पुलिस टीम ने तकनीकी और गोपनीय जानकारी के आधार पर आरोपी के भोपाल में होने की सूचना प्राप्त की। इसके बाद विशेष टीम ने तत्काल भोपाल में दबिश दी और आरोपी मार्तंड सिरोलिया को धर दबोचा।

पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे भोपाल से इंदौर लेकर आई। फिलहाल, आरोपी मार्तंड सिरोलिया से भंवरकुआं थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और आरोपी ने ऐसा क्यों किया। क्या इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक लाभ था या किसी और साजिश का हिस्सा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस इस पूरे मामले के हर एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है या यह उसका पहला मामला है। औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। इस घटना ने निगम के भीतर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भंवरकुआं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस अभी कुछ भी खुलकर बोलने से बच रही है, लेकिन जांच की दिशा और गति को देखते हुए जल्द ही और भी गिरफ्तारियां या खुलासे होने की उम्मीद है।

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