Indore News : संबल योजना के तहत 677 हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 15 करोड़ रुपये

Indore News : संबल योजना के तहत 677 हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 15 करोड़ रुपये

Indore News : मप्र में विधानसभा चुनावों से पहले राज्य शासन ने संबल योजना के हितग्राहियों के खातों में करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी है, योजना के तहत इंदौर के 677 हितग्राहियों को लगभग 15 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सांकेतिक रूप से यह राशि हितग्राहियों का वितरित की है।

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हितग्राही मूलक योजनाओं में लोगों को सीधा लाभ दे रहे हैं। लाडली बहना योजना के तहत 2 महीने से महिलाओं के खाते में  एक हजार रुपए के अलावा संबल योजना के तहत पूरे प्रदेश में 26000 से अधिक हितग्राहियों को लगभग 583 करोड रुपए दिए गए हैं।

इंदौर में 677 हितग्राहियों को मिली 14 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि

इंदौर जिले 677 हितग्राहियों को 14 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि दी गई। संबल योजना के तहत यह राशि पात्र हितग्राहियों के खाते में ट्रांसफर की गई जबकि स्थानीय अधिकारियों अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा नगर निगम अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर और श्रम आयुक्त द्वारा सांकेतिक रूप से को हितग्राहियों को वितरित की गई।

संबल योजना के 583 करोड़ 36 लाख रुपये सिंगल क्लिक से खातों में ट्रांसफर

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल 11 जुलाई को विधानसभा भवन स्थित कैबिनेट कक्ष में संबल योजना के अनुग्रह सहायता घटक में 26 हजार 150 श्रमिक परिवारों को 583 करोड़ 36 लाख रुपये सिंगल क्लिक से खातों में ट्रांसफर किये।

संबल योजना में ये मिलता हैं लाभ 

आपको बता दें कि संबल योजना में अनुग्रह सहायता के रूप में दुघर्टना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, स्थायी अपंगता पर 2 लाख, आंशिक स्थायी अपंगता पर एक लाख और अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की राशि दी जाती है। योजना में महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिए 16 हजार रुपये दिये जाते हैं और श्रमिकों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा भी प्रदान की जाती है।
इंदौर से मंगल राजपूत की रिपोर्ट
Atul Saxena
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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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