
दीपावली के मौके पर इंदौर नगर निगम के लेखा विभाग में महालक्ष्मी पूजन का आयोजन किया गया। दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने विधि-विधान से पूजा कर शहर की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान कर्मचारियों को मिठाई बांटी गई। महापौर ने इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाए रखने में सफाई मित्रों और निगम कर्मचारियों की भूमिका को अहम बताया।
दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मां लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहां स्वच्छता रहती है। उनके मुताबिक मां लक्ष्मी की कृपा और शहर के लोगों के सहयोग से इंदौर लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि नगर निगम परिवार ने एक साथ पूजा कर शहरवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
महालक्ष्मी पूजन में स्वच्छता को बताया समृद्धि का आधार
वहीं पूजा के दौरान महापौर ने स्वच्छता और शहर की तरक्की के बीच संबंध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता केवल नगर निगम की व्यवस्था तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें शहर के नागरिकों और निगम के कर्मचारियों की भी भागीदारी है। सफाई मित्र रोजाना अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था संभालते हैं। त्योहारों के दौरान भी उनकी जिम्मेदारी कम नहीं होती। ऐसे में शहर को साफ रखने में उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दरअसल महापौर ने कहा कि नगर निगम के पूरे परिवार ने मिलकर मां महालक्ष्मी की आराधना की है। इस दौरान शहर के लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव और खुशहाली बनी रहने की कामना की गई। कार्यक्रम के बाद महापौर और निगम कमिश्नर ने निगम कर्मचारियों को मिठाई बांटी और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।
सफाई मित्रों और नगर निगम कर्मचारियों के काम की सराहना की
वहीं इस आयोजन में नगर निगम के अलग-अलग विभागों के कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हुए। लेखा विभाग में हुए इस पूजन के जरिए निगम परिवार ने त्योहार को एक साथ मनाया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी कर्मचारियों को दीपावली की बधाई दी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई मित्रों और नगर निगम कर्मचारियों के काम की सराहना करने के साथ उनके हितों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदौर को लगातार स्वच्छता में नंबर वन बनाए रखने में इन कर्मचारियों की अहम भूमिका है। वे दिन-रात मेहनत करके शहर की सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को संभालते हैं। इसलिए उनके कल्याण और सुविधाओं का ध्यान रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में नगर निगम के ऐसे मास्टर कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जो इसके लिए तय पात्रता पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि इस दौरान नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने की कोई तारीख या कर्मचारियों की संख्या की जानकारी नहीं दी गई।
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