Diwali 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ झूमे PM Modi, खिलाई मिठाई, लगाये भारत माता की जय के नारे

प्रधानमंत्री ने कहा यह केवल दीपावली का उत्सव नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके शौर्य, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान ने बस्तर की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
PM Narendra Modi celebrated Diwali with security forces in Bastar Chhattisgarh.

PM Narendra Modi celebrated Diwali with security forces in Bastar Chhattisgarh.

देश के अन्दर और देश की सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ने वाले वीर जवानों के साथ हर साल दिवाली मनाने वाले PM Modi इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे, यहाँ उन्होंने भारत माता के लिए अपनी जान कुर्बान वाले वाले वीर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किये उन्हें श्रद्धांजलि दी वहीं बस्तर में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली की खुशियाँ बांटी, उन्हें मिठाई खिलाई , उनके साथ झूमे और भारत माता की जय के नारे लगाये।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज पूरा देश और दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं। दूर-दूर से लोग अपने घर पहुंच रहे हैं। परिवार और परिजनों के साथ मिलने-जुलने का यह एक बड़ा महोत्सव होता है। मैं भी दिवाली मनाने आपके बीच पहुंच गया हूं। सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर बेटे-बेटियां, आप सभी मेरे परिजन हैं। आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं। हिमालय की गोद में कारगिल से लेकर, समंदर किनारे सर क्रीक से लेकर समंदर की गोद में INS विक्रांत तक, वीर जवानों के साथ हर दिवाली मेरे लिए यादगार रही है। इस बार मैं दिवाली मनाने बस्तर के जंगलों में आया हूं, आप सबके बीच आया हूं।

ये पहली दीवाली है- जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है

मोदी ने कहा 2026 की ये दीवाली वाकई विशेष है, ये पहली दीवाली है- जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। ये पहली दीवाली है- जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। ये पहली दीवाली है- जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं। ये एक असाधारण उपलब्धि है। इसका बहुत बड़ा श्रेय आपका है, आप जैसे लाखों वीरों का, जवानों का और सुरक्षाकर्मियों का है। इसलिए आज मैं आपके साथ दीवाली मनाने आया हूं और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार भी व्यक्त करने आया हूं।

ये देश आपकी सेवाओं के लिए आपका ऋणी है

प्रधानमंत्री ने कहा आपने देश की एकता, अखंडता के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं, आपने असीम त्याग किया है। देश की आंतरिक सुरक्षा में लगे सुरक्षा बल, CRPF, कोबरा, BSF, ITBP का एक एक जवान, SSB, IRB और राज्यों की पुलिस का एक एक सिपाही, बस्तर फाइटर जैसे स्पेशल फोर्स के कमांडो, महिला fighters, ये देश आपकी सेवाओं के लिए आपका ऋणी है।

राष्ट्र प्रथम की भावना से देश की शांति, सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है

प्रधानमंत्री ने कहा जब हम राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करते हैं, तो देश की शांति और सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है और हर गरीब-वंचित की विकास में भागीदारी भी बढ़ती है। इसलिए बीते 12 वर्षों में देश ने नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ ही लड़ाई नहीं जीती, बल्कि गरीबी के खिलाफ भी बड़ी जंग जीती है। हमने जब नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई शुरू की, तो साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए विशेष अभियान भी चलाए। माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ ये लड़ाई आसान नहीं थी। एक समय था, जब देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होने के बाद वहां जीवन ठहर जाता था। लोगों से उनका वोट डालने का अधिकार भी इन नक्सलियों ने छीन लिया था।

उन्होंने कहा हमने जब नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई शुरू की, तो साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए विशेष अभियान भी चलाए। वामपंथी उग्रवाद से पीड़ित इलाकों में सुरक्षा के पूरे प्रबंध के साथ 15,000 किमी से ज्यादा सड़कें बनाई गईं और 9,500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए। आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए करीब पौने 200 एकलव्य स्कूल खोले गए। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए करीब 50 ITI और 50 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए। साथ ही, हजारों पोस्ट ऑफिस, बैंक शाखाएं और ATM खोले गए।

पीएम ने कहा अति पिछड़े आदिवासी इलाकों के विकास के लिए PM-JANMAN योजना शुरू की गई, जिससे हजारों सुदूर गांवों में पहली बार पानी, बिजली और सड़क जैसी सुविधाएं पहुंचीं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को भी अवसर दिया गया और उनके पुनर्वास के लिए योजनाएं बनाई गईं। सबका साथ-सबका विकास के इस अभियान ने गरीबी के खिलाफ देश की लड़ाई को नई ऊर्जा और नया विश्वास दिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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