योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में की रामलला की पूजा अर्चना, बोले- अब रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी

योगी आदित्यनाथ ने श्री मणिरामदास छावनी के महंत एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास महाराज के दर्शन किए और उन्हें फलों को टोकरी भेंट की ।
Yogi Adityanath Ayodhya Ramlala Darshan

Yogi Adityanath Ayodhya Ramlala Darshan

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दिवाली के शुभ अवसर पर अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन किये किये , पूजा अर्चना की और राष्ट्र के उत्थान, समाज के कल्याण एवं सभी के मंगल के लिए प्रार्थना की। योगी ने शुभकामनायें देते हुए कहा दीपावली का पावन पर्व सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आदर्शों तथा धर्म, सत्य और आध्यात्मिक विरासत के शाश्वत मूल्यों का महापर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रभु श्री राम का जीवन हमें सिखाता है कि अपनत्व और समरसता का भाव ही समाज को एक सूत्र में जोड़ता है। महापर्व दीपावली इसी आत्मीयता को साझा करने का पावन अवसर है।

उन्होंने अयोध्या धाम में स्वच्छता के लिए समर्पित सफाई कर्मियों, प्रभु श्री राम और निषादराज की आत्मीय मित्रता की परंपरा को जीवंत रखने वाले नाविक बंधुओं, निषाद बस्ती एवं अशोक सिंघल वार्ड में निवास करने वाले परिवारों को फल एवं मिठाई वितरित की। योगी ने कहा इन कर्मयोगियों का श्रम और सेवाभाव रामनगरी की स्वच्छता, सुंदरता एवं जीवंतता का आधार है।

संकल्प लें अयोध्या पर किसी मंथरा और किसी मारीच की कुद्रष्टि ना लगे

योगी ने कहा हमें आज एक संकल्प लेना होगा कि आने वाले समय में अयोध्या पर किसी मंथरा और किसी मारीच की कुद्रष्टि ना लगे, हमारा ये संकल्प होना चाहिए कि अयोध्या के वैभव को लूटने के लिए अयोध्या को फिर से बदनाम करने के लिए कोई भी कुद्रष्टि ना डालने पाए।

अब अयोध्या में जयश्रीराम बोलने पर कोई लाठी डंडा नहीं चला सकता

मुख्यमंत्री ने कहा अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी अब अयोध्या में जयश्रीराम बोलने पर कोई लाठी डंडा नहीं चला सकता, अब अयोध्या में पंच कोशी, चौदह कोशी और चौरासी कोशी परिक्रम पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता ये हम सबका संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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