आदर्श रेस्टोरेंट पर फूड विभाग का कार्रवाई का विरोध, बिना लैब जांच लाखों की मिठाई नष्ट कराने और राजनीतिक दबाव के आरोप

तीखी नोकझोंक के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि रसोई में अस्वच्छ परिस्थितियों और मिठाइयों में रिफाइंड ऑयल के इस्तेमाल को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
Adarsh ​​Restaurant Food Department action

Adarsh ​​Restaurant Food Department action

नीमच नगर के प्रसिद्ध ‘आदर्श रेस्टोरेंट’ पर नीमच से आई खाद्य विभाग (फूड सेफ्टी) की टीम द्वारा की गई छापामार कार्रवाई और मिठाई नष्टीकरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही फूड इंस्पेक्टर का घेराव कर इस कार्रवाई को पूरी तरह असंवैधानिक, गैर-कानूनी और राजनीतिक द्वेषता से प्रेरित बताया है।

विरोध कर रहे पंकज तिवारी और रेस्टोरेंट संचालकों ने खाद्य अधिकारियों के सामने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि नियमानुसार खाद्य अधिकारी को केवल सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेजने का अधिकार है। जब तक लैब की जांच रिपोर्ट में मिठाई अमानक या मिलावटी सिद्ध नहीं हो जाती, तब तक उसे नष्ट नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद अधिकारियों ने बिना किसी लैब रिपोर्ट और प्रमाण के लाखों रुपये की मिठाई को अमानक घोषित कर नदी में नष्ट करवा दिया। मौके पर जब अधिकारियों से पूछा गया कि किस कानून और प्रावधान के तहत बिना जांच रिपोर्ट के यह नष्टीकरण किया गया, तो अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और केवल कोर्ट में जवाब देने की बात कहते नजर आए।

90 किलोमीटर के सफर में सिर्फ एक ही दुकान को बनाया निशाना

कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों ने पूछा कि नीमच से सिंगोली की दूरी 90 किलोमीटर है और रास्ते में सरवानिया, मोरवन, रतनगढ़ सहित सिंगोली नगर में दर्जनों होटल व मिठाई की दुकानें हैं। लेकिन खाद्य विभाग की टीम ने रास्ते या पूरे कस्बे में किसी अन्य दुकान की जांच करने के बजाय सीधे आदर्श रेस्टोरेंट को ही निशाना बनाया। संचालकों का कहना है कि पिछले चार सालों में सिंगोली में केवल उन्हीं की दुकान को बार-बार टारगेट किया जा रहा है। लोगों ने मांग की कि यदि विभाग सचमुच जनता को 100 प्रतिशत शुद्ध सामग्री दिलाना चाहता है, तो पूरे कस्बे की सभी दुकानों और मुख्य रूप से बाहर (नीमच व कोटा आदि) से आने वाले मावे तथा रिफाइंड तेल के थोक सप्लायरों व फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करे।

विधायक सखलेचा के राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप

इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा जा रहा है। वीडियो में पंकज तिवारी ने स्पष्ट आरोप लगाया कि आदर्श रेस्टोरेंट के संचालक ओंकारलाल शर्मा और बाबूलाल शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के निष्ठावान स्वयंसेवक और भाजपा कार्यकर्ता हैं। गत चुनाव प्रचार के दौरान बाबूलाल शर्मा ने हिंदुत्त्ववादी नेता पूरनमल अहीर का प्रचार किया था, जिसके चलते स्थानीय विधायक सखलेचा से उनके वैचारिक मतभेद हो गए थे। आरोप है कि इसी राजनीतिक द्वेषता और विधायक सखलेचा के दबाव में आकर प्रशासन ने त्योहार के ऐन वक्त पर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए यह एकपक्षीय कार्रवाई की है।

अधिकारियों का पक्ष और मौके पर तीखी बहस

तीखी नोकझोंक के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि रसोई में अस्वच्छ परिस्थितियों और मिठाइयों में रिफाइंड ऑयल के इस्तेमाल को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने दुकान सील करने और बिना जांच रिपोर्ट के माल नष्ट कराने का कड़ा विरोध किया तथा चेतावनी दी कि यदि लैब रिपोर्ट में सैंपल मानक पाए जाते हैं, तो इस भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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