5100 लीटर दूध से अभिषेक और भव्य श्रृंगार, दिवाली पर मां गजलक्ष्मी के दर्शन को उमड़ी भीड़

उज्जैन के नईपेठ स्थित प्राचीन मां गजलक्ष्मी मंदिर में दीपावली पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माता का 5100 लीटर दूध से भव्य अभिषेक किया गया, जबकि दरबार को फूलों और करंसी नोटों से सजाया गया है।
गजलक्ष्मी

धर्मनगरी उज्जैन के नईपेठ इलाके में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन मां गजलक्ष्मी मंदिर पर दीपावली के इस पावन पर्व पर सुबह से ही माता गजलक्ष्मी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

इस खास और पवित्र मौके पर मां गजलक्ष्मी का 5100 लीटर दूध से बहुत ही भव्य और दिव्य अभिषेक किया गया। माता के इस अलौकिक रूप के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए दूर-दूर से भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय हो गया है।

देशी-विदेशी फूलों और करंसी नोटों से सजा माता का दरबार

दीपावली के इस बड़े त्यौहार पर मंदिर परिसर की सजावट बहुत ही अनोखे और भव्य अंदाज में की गई है। मां गजलक्ष्मी के पूरे दरबार को देशी-विदेशी खूबसूरत फूलों और करंसी नोटों की लड़ियों से बहुत ही करीने से सजाया गया है। फूलों की खुशबू और नोटों की इस अनोखी सजावट ने मंदिर की भव्यता में चार चांद लगा दिए हैं, जो मंदिर आ रहे श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

सुबह से लगा भक्तों का तांता

मंदिर में सुबह की पहली किरण के साथ ही माता के दर्शन और अभिषेक करवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मंदिर के पुजारी अनिमेश शर्मा ने बताया कि दीपावली पर सुबह से ही माता के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ है और श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए दूध से अभिषेक करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शाम को माता को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और भव्य महाआरती की जाएगी।

गजलक्ष्मी

कई सालों से जारी है दर्शन की परंपरा

उज्जैन के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए दीपावली के दिन मां गजलक्ष्मी के दर्शन करना एक बहुत ही शुभ परंपरा मानी जाती है। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि वे पिछले कई सालों से हर दीपावली की सुबह सबसे पहले मां गजलक्ष्मी के दर्शन करने आते हैं। उनका मानना है कि माता के दर्शन करने से पूरे साल परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और इसके बाद ही वे अपने घर पर त्यौहार मनाना शुरू करते हैं।

धन और समृद्धि की देवी मां गजलक्ष्मी के दरबार में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

दीपावली पर माता लक्ष्मी के इस प्राचीन मंदिर की रौनक देखने लायक होती है और हर कोई माता के अलौकिक दर्शन पाना चाहता है। मान्यता है कि दीपावली की शुभ तिथि पर मां गजलक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से घर में कभी भी धन-धान्य और सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती। इसी अटूट आस्था के चलते बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी बहुत ही उत्साह और श्रद्धा के साथ माता के दरबार में शीश झुकाने पहुंच रहे हैं।

भक्ति, दीयों और सजावट से जगमगा उठा नईपेठ

मां गजलक्ष्मी मंदिर में हुए इस विशाल आयोजन ने उज्जैन शहर की दीपावली की खुशियों और रौनक को कई गुना ज्यादा बढ़ा दिया है। 5100 लीटर दूध के भव्य अभिषेक, मनमोहक फूलों-नोटों के श्रृंगार और शाम को होने वाली महाआरती की वजह से पूरा नईपेठ क्षेत्र भक्ति के रंग में डूबा हुआ है। मंदिर परिसर में लगातार लग रहे माता के जयकारों से पूरा माहौल धर्ममय हो गया है और श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेकर खुद को धन्य मान रहे हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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